
संवाददाता
कानपुर। कैंट थानाक्षेत्र निवासी मोनू जायसवाल का शव शुक्लागंज में मिला । इस घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है। परिजन उन्नाव में पोस्टमार्टम कराने के बाद मोनू का शव लेकर गोला घाट तिराहे पहुंचे। वहां उन्होंने शव रखकर सड़क जाम कर दी और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के कारण लगभग चार किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। कैंट पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है।
कानपुर के कैंट थाना क्षेत्र के नई बस्ती निवासी मोनू जायसवाल सिम कैनोपी लगाने का काम करते थे। वह रविवार शाम 20 हजार रुपये की उधारी लेने शुक्लागंज गए थे, जिसके बाद वह घर नहीं लौटे। उनका शव उन्नाव के मराला चौकी क्षेत्र के पास तेजाब से झुलसी हुई हालत में मिला।
उनके पिता ओमप्रकाश ने बताया कि मोनू रविवार की शाम तक नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी मोनू का पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने कैंट थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
उन्नाव पुलिस ने मोनू की बहन सलोनी को शव की जानकारी दी। परिजन मौके पर पहुंचे और कपड़ों से शव की शिनाख्त की।
सोनू की पत्नी अंतिमा फैजाबाद की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि उनका विवाह मोनू जायसवाल से सात महीने पहले 26 सितंबर 2025 को हुआ था। उन्होंने आखिरी बार रविवार की रात 9 बजे फोन पर बात की थी। मोनू घबराए हुए लग रहे थे। अचानक फोन कट गया और बाद में बंद हो गया। अंतिमा ने 30 से अधिक बार कॉल करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
अंतिमा गर्भवती हैं। परिजनों ने उन्हें अभी तक मोनू की मौत की जानकारी नहीं दी है।
कानपुर के कैंट स्थित गोलाघाट चौराहे पर परिवारी जनो ने शव रखकर 1:30 घंटा हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर उन्नाव पुलिस और कानपुर पुलिस मौजूद रही। मौके पर डीसीपी सत्यजीत गुप्ता और एडीसीपी शिवा सिंह ने काफ़ी मशक्कतों के बाद परिवार को समझा बुझाकर शांत कराया।
परिवारी जनों ने बीच सड़क पर शव रखकर हंगामा प्रदर्शन किया । इस दौरान शुक्लागंज से कानपुर और कानपुर से शुक्लागंज का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। दोनों तरफ चार किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस जाम में सैकड़ों वाहन फंसे रहें। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी जाम खुलवाने का प्रयास करते रहे।
इस दौरान क्षेत्रीय लोगों ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता को मौके पर बुलाया। उनके पहुंचने के बाद पुलिस अधिकारियों से बातचीत हुई और दबाव के चलते प्रशासन ने तत्काल नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया।
पवन गुप्ता के समझाने पर परिजनों ने शव को सड़क से हटाया। पवन गुप्ता ने कहा कि पुलिस को इस मामले में इतनी देरी नहीं करनी चाहिए थी और मृतक के परिवार को जल्द न्याय मिलना चाहिए। इस दौरान उनके साथ मुकेश कन्नौजिया और जीतू दुबे भी मौजूद रहे।
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि उन्नाव के थाना गंगाघाट क्षेत्र में मृतक मोनू का शव मिला था। उन्नाव पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाया। परिवार की तहरीर पर हत्या की धारा में मामला दर्ज किया गया है। मोनू का पार्थिव शरीर परिजनों ने सड़क पर रखकर जाम लगाया था। सभी को समझा बुझाकर शव को अंतिम संस्कार के लिए भिजवाया गया है।
डीसीपी ने बताया कि वह टीम के साथ उन्नाव स्थित घटनास्थल पर जाकर जांच करेंगे। इसके अलावा जो भी इस घटना में शामिल होंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।






