July 16, 2026



संवाददाता
कानपुर। प्रदेश के ऐतिहासिक ग्रीनपार्क स्टेडियम में खेल गतिविधियों से अधिक अनियमितताओं का खेल सामने आने लगा है। खेल निदेशक आर.पी. सिंह के औचक निरीक्षण में स्टेडियम की व्यवस्थाओं की कई परतें खुल गईं। निरीक्षण के दौरान वित्तीय प्रपत्रों में गंभीर खामियां मिलने के साथ ही चल रहे प्रशिक्षण शिविरों की वास्तविक स्थिति भी सवालों के घेरे में आ गई। खेल निदेशक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जांच में कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई तय है। निरीक्षण के दौरान खेल निदेशक ने फरवरी माह से अब तक के वित्तीय अभिलेखों और प्रपत्रों का गहन परीक्षण किया। इस दौरान कई दस्तावेजों में विसंगतियां और प्रक्रिया संबंधी खामियां सामने आईं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इन बिंदुओं पर जवाब मांगा और पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई प्रशिक्षण शिविरों में खिलाड़ियों की उपस्थिति अपेक्षा से काफी कम रही, जबकि कुछ स्थानों पर प्रशिक्षक भी नियमित रूप से मौजूद नहीं मिले। इस पर खेल निदेशक ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि खिलाड़ियों के भविष्य से किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

वित्तीय प्रपत्रों में मिलीं गंभीर खामियां, शिविरों में खिलाड़ियों की कम संख्या और प्रशिक्षकों की अनुपस्थिति पर भी जताई नाराजगी।


निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में आर.पी. सिंह ने कहा कि ग्रीनपार्क को केवल प्रतियोगिताओं का केंद्र नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को तराशने वाला उत्कृष्ट खेल परिसर बनाया जाएगा। क्रिकेट, हॉकी, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, वेटलिफ्टिंग सहित सभी खेलों को फिर से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि खेल विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होगी तथा वित्तीय मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खेल निदेशक के इस औचक निरीक्षण के बाद ग्रीनपार्क प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर वास्तव में कार्रवाई होती है या फिर अनियमितताओं की यह फाइल भी सरकारी दफ्तरों में दबकर रह जाती है।

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