
संवाददाता
कानपुर। मेट्रो निर्माण कार्य के चलते जूही-हमीरपुर रोड पर पिछले दो वर्षों से खोदी गई सड़क की मरम्मत न होने से त्रस्त क्षेत्रीय जनता और व्यापारियों का आक्रोश शनिवार को खुलकर सामने आ गया।
पूर्व पार्षद एवं पार्षद पति सुनील कनौजिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने श्याम पैलेस के पास अनोखा विरोध प्रदर्शन करके मेट्रो विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
प्रदर्शनकारियों ने जलभराव और गड्ढों से भरी बदहाल सड़क पर लोटकर अपना विरोध दर्ज कराया। लोगों का कहना था कि वर्षों से सड़क की दुर्दशा झेलने के बावजूद जिम्मेदार विभागों ने समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

विरोध को प्रतीकात्मक रूप देने के लिए प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर फूल और दूध चढ़ाकर मेट्रो प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए पूजा-अर्चना की। उनका आरोप था कि बार-बार शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारी जनता की समस्याओं के प्रति उदासीन बने हुए हैं।
पूर्व पार्षद सुनील कनौजिया ने आरोप लगाया कि मेट्रो परियोजना के कार्यों के दौरान क्षेत्र में अव्यवस्थाओं का अंबार खड़ा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि कहीं सीवर लाइनें गलत तरीके से डाली गईं, तो कहीं पेयजल पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त कर दी गईं। इसके बावजूद न तो क्षतिग्रस्त व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया और न ही सड़क निर्माण पूरा किया गया।
उन्होंने जलकल विभाग के महाप्रबंधक से मांग करी कि कानपुर सेंट्रल स्टेशन से बारादेवी चौराहे तक किए गए सीवर और पानी की पाइप लाइनों के डायवर्जन की विस्तृत जांच कराई जाए। साथ ही वर्तमान स्थिति का मिलान जलकल और जल निगम के पुराने नक्शों से किया जाए, ताकि परियोजना के दौरान हुई संभावित गड़बड़ियों का पता लगाया जा सके।

प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों और क्षेत्रीय नागरिकों ने मेट्रो प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि निर्धारित समय के भीतर सड़क मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्र की जनता और व्यापारी मेट्रो कार्यालय का घेराव करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि तब अधिकारियों का “घी-गुड़ से स्वागत” कर उनके समक्ष जनता की पीड़ा रखी जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि टूटी सड़क, जलभराव, धूल और यातायात अव्यवस्था के कारण क्षेत्र के व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।






