• अंडर गारमेंट और जूते में छिपाकर लाए थे ब्लूटूथ डिवाइस।

संवाददाता
कानपुर। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की लेखपाल परीक्षा के दौरान किदवई नगर स्थित महिला महाविद्यालय व चुन्नीगंज स्थित बीएनएसडी इंटर कॉलेज से दो मुन्ना भाइयों को अरेस्ट किया गया। पकड़े गए दोनों अभ्यर्थियों के पास से इलेक्ट्रानिक डिवाइस मिली है।
महिला महाविद्यालय कॉलेज में पकड़ा गया अभ्यर्थी अपने अंडरगारमेंट में ब्लूटूथ डिवाइस लेकर आया था, जबकि बीएनएसडी कॉलेज में परीक्षार्थी जूते में डिवाइस छिपा कर लाया था, जिसे कक्ष निरीक्षक ने नकल करते हुए पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया। किदवई नगर महिला महाविद्यालय की केंद्र प्रभारी डॉ. अंजू चौधरी ने बताया कि लेखपाल परीक्षा के दौरान कक्ष संख्या 13 में जौनपुर के भौरास नेवादा, मडिआहू निवासी अभ्यर्थी विनोद कुमार पाल परीक्षा दे रहा था। सुबह करीब 11 बजे कक्ष निरीक्षक डॉ. सीमा कनौजिया, सर्वेश कुमार यादव चेकिंग करने पहुंचे, तभी विनोद कुमार पाल के कान में एक ब्लूटूथ डिवाइस मिला और शर्ट के नीचे टेलीफोन टाइप डिवाइस मिली, जिसमें एक एयरटेल का सिम था।
अभ्यर्थी ब्लूटूथ डिवाइस से किसी से बात कर रहा था। जिस पर अभ्यर्थी की डिवाइस को बरामद करके किदवई नगर पुलिस को जानकारी दी गई। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि आरोपी परीक्षार्थी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी अंडरगारमेंट में डिवाइस छिपाकर लाया था।
आरोपी पकड़ा न जाए इसके लिए उसने पूरी तरह प्लानिंग की थी। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि नकल करने के लिए ब्लूटूथ का इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी। पास से देखने पर भी किसी को अंदेशा न हो इसके लिए स्किन कलर का ब्लूटूथ खरीदा था। यह बेहद छोटा और स्पष्ट आवाज देने वाला है।
वहीं कर्नलगंज एसीपी चित्रांशु गौतम ने बताया कि चुन्नीगंज स्थित बीएनएसडी इंटर कॉलेज के ए व बी ब्लॉक में परीक्षा का आयोजन किया गया था। ए ब्लॉक में प्रयागराज, अकबरपुर के पोस्ट दिहयावा के काशीपुर, जीत का पुरा निवासी 28 वर्षीय सागर पटेल परीक्षा देने के लिए आया था।
परीक्षा के दौरान वह कान में ब्लूटूथ डिवाइस लगाए था, जबकि हाथ में एक डिवाइस चिपकाए था। चेकिंग के दौरान आरोपी सागर को कक्ष निरीक्षक ने पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जूते में ब्लूटूथ डिवाइस छिपाकर लाया था। एसीपी कर्नलगंज ने बताया कि प्रधानाचार्य हेमंत कुमार की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उसे अरेस्ट किया गया है। परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को मैटल डिक्टेटर जैसी दो चरण की जांच के बाद कक्ष में प्रवेश करने की अनुमति मिली थी। इसके बावजूद आरोपी परीक्षार्थी मोबाइल और ब्लूटूथ अंदर तक ले जाने में सफल रहा। ऐसे में परीक्षा केन्द्र की जांच पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि कैसे कोई अभ्यर्थी दो चरण की चेकिंग व्यवस्था को धता बताकर डिवाइस कमरे तक ले जाने में सफल रहा।





