May 13, 2026

संवाददाता
कानपुर। नगर में शनिवार को आयोजित हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में सालों से एक दूसरे से अलग रह रहे सात दंपति एक दूसरे के साथ जीवन बिताने को राजी हो गए। इस दौरान अलग–अलग माहौल कचहरी में देखने को मिला, किसी दंपत्ति के चेहरे में खुशी के भाव झलक रहे थे तो कोई लंबी दूरियां मिटने पर भावुक हो गया…।
किदवई नगर थानाक्षेत्र में रहने वाले दंपति एक साल पहले मामूली बात को लेकर अलग हो गए थे, आज न्यायिक अधिकारियों के प्रयास के एक हुए तो पति के आंखों से आंसू छलक पड़े। वह पत्नी व बच्चों को गले लगाकर रोने लगा, जिसके बाद पत्नी भी भावुक हो गई और दोनों ने फिर कभी अलग न होने वचन एक दूसरे को दिया।
वहीं पति के बाहर न घुमाने से नाराज होकर मायके में रह रही पत्नी को न्यायिक अधिकारियों ने समझा बुझाकर ससुराल भेजा… इस दौरन पति के साथ जाने को लेकर महिला के चेहरे पर खुशी झलकी। न्यायिक अधिकारियों ने सभी सात जोड़ों को एक साथ रहने की शुभकामनाएं देकर विदा किया।
गोविंद नगर निवासी पति और साकेत नगर निवासी पत्नी का विवाह फरवरी 2024 में हुआ था। शादी के कुछ दिनों दोनों में युवती चाहती थी कि शादी के बाद उसका पति उसे घुमाने ले जाने, ऐसा न करने पर दोनों के बीच झगड़े शुरू हो गए थी, मामला कोर्ट तक पहुंच गया था। न्यायिक अधिकारियों के समझाने बुझाने के बाद दोनों एक दूसरे के साथ रहने को राजी हो गए।
किदवई नगर के रहने वाले युवक व युवती की शादी वर्ष 2013 में हुई थी, दंपत्ति के तीन बच्चे है। इसके बाद बच्चों का ध्यान न देने के बीच दोनों के बीच झगड़ा होने लगा था। पत्नी ने एक साल पहले तलाक का मुकदमा और पति ने विदाई का मुकदमा दाखिल किया था। लगभग एक माह तक कई दौर की मध्यस्थता कराई गई, जिसके बाद दोनों एक दूसरे के साथ रहने को राजी हो गए।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ सुबह 9:30 बजे जिला जज अनमोल पाल ने दीप प्रज्जवलित कर किया। जिला जज ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सुलभ, त्वरित एवं सस्ती न्याय व्यवस्था उपलब्ध कराना है। बताया कि लोक अदालत में शमनीय आपराधिक वाद, लघु दंडनीय प्रकरण तथा सालों से चल रहे ऐसे सिविल वाद जिनमें आपसी सहमति की संभावना हो, उनका निस्तारण किया जाएगा।
दोपहर को पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रोहित सिन्हा ने बताया कि अब तक 55 घरेलू विवाद के मामलों में सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण हो चुका है, इनमें खास बात यह रही कि सात जोड़े आपसी मनमुटाव मिटाकर एक बार फिर साथ रहने को राजी हो गए।
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से पति–पत्नी ने एक दूसरे को माला पहनाकर व गुलाब देकर गिले शिकवे दूर किए। वहीं एक दूसरे का मुंह मीठा कराकर जीवन भर एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ने का वादा किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत की नोडल अफसर रश्मि सिंह ने बताया कि पिछले लोक अदालत में 2.40 लाख वादों का निस्तारण कराया गया था। इस बार तीन लाख मुकदमें चिन्हित किए गए है, 2.60 लाख मुकदमें निस्तारित करने का लक्ष्य रखा गया है।

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