
संवाददाता
कानपुर। शहर के एलन फॉरेस्ट स्थित कानपुर चिड़ियाघर के लिए खुशियों भरी खबर सामने आई है। चिड़ियाघर के कुनबे में तीन नए मेहमान शामिल हो गए हैं।
पिछले साल एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत विशाखापत्तनम से लाए गए वाइल्ड डॉग, जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘ढोल’ कहा जाता है, ने तीन शावकों को जन्म दिया है। चिड़ियाघर प्रशासन इन नन्हे मेहमानों की सेहत को लेकर बेहद उत्साहित है और उनकी विशेष निगरानी की जा रही है।
कानपुर जू के क्षेत्रीय वन अधिकारी नावेद इकराम ने बताया कि, ये शावक पिछले महीने यानी जनवरी में पैदा हुए हैं। फिलहाल तीनों बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हैं और अपनी मां की देखरेख में हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इन वाइल्ड डॉग्स को पिछले साल विशाखापत्तनम ज़ू से लाया गया था। यहां के वातावरण में ढलने के बाद इन्होंने ब्रीडिंग की, जिसके सुखद परिणाम अब सामने आए हैं। चिड़ियाघर में नए सदस्यों के आने से अब वाइल्ड डॉग्स की संख्या में भी इजाफा हो गया है।
शावकों की सुरक्षा और सेहत को देखते हुए वन्यजीव विशेषज्ञों और डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी मॉनिटरिंग कर रही है। डॉक्टरों की सलाह पर ही उनकी डाइट और देखभाल का चार्ट तैयार किया गया है। चूंकि शावक अभी बहुत छोटे हैं, इसलिए वे पूरी तरह अपनी मां के दूध पर निर्भर हैं। शावकों की मां (मादा ढोल) की सेहत और पोषण का भी खास ख्याल रखा जा रहा है। उसे आहार में मुख्य रूप से मीट दिया जा रहा है, ताकि वह बच्चों को पर्याप्त फीड करा सके।
कानपुर जू के क्षेत्रीय वन अधिकारी नावेद इकराम का कहना है,कि चिड़ियाघर में वाइल्ड डॉग्स का प्रजनन करना एक बड़ी सफलता है, क्योंकि ये जीव स्वभाव से बेहद संवेदनशील होते हैं। इन बच्चों के आने से अब पर्यटकों के लिए भी आने वाले दिनों में यह बाड़ा मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा। फिलहाल प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं ताकि वे बिना किसी संक्रमण या बाधा के प्राकृतिक रूप से बड़े हो सकें।






