February 24, 2026

संवाददाता 

कानपुर। एक कबाड़ का काम करने वाले के  बेटे का शव राजस्थान के अजमेर में संदिग्ध हालात में फंदे से लटका मिला। पोस्टमार्टम के बाद शव कानपुर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए अजमेर के एक बर्तन कारोबारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

मृतक की पहचान जाजमऊ के गौशाला निवासी इश्तियाक पुत्र मुख्तार अहमद के रूप में हुई है। मुख्तार कबाड़ की फेरी लगाते हैं। परिवार में पत्नी मोना और चार अन्य बच्चे हैं।

मां मोना के मुताबिक, मोहल्ले का शाकिर जनवरी में इश्तियाक और अमन को राजस्थान के अजमेर स्थित दिल्ली गेट पर बर्तन की फेरी लगवाने के लिए ले गया था। इश्तियाक ने करीब 21 दिन तक काम किया। इसके बाद वहां के बर्तन कारोबारी रेशमा और उनके पति शकील अहमद उर्फ मिर्ची ने उस पर 30 हजार रुपए का कर्ज होने की बात कह दी।

परिजनों के अनुसार 19 जनवरी की रात इश्तियाक ने पिता मुख्तार को फोन कर बताया कि उस पर 30 हजार रुपए का कर्ज बताया जा रहा है और उसे वापस नहीं भेजा जा रहा। उसने यह भी कहा कि उसे ठीक से खाना नहीं दिया जा रहा और कमरे में बंद रखा जा रहा है।

पिता ने उसे आश्वस्त किया कि वह घर लौट आए, पैसे की व्यवस्था कर दी जाएगी। आरोप है कि फोन करने के करीब 10 मिनट बाद ही सूचना मिली कि इश्तियाक का शव दुपट्टे के सहारे पंखे से लटका मिला है।

मां मोना ने आरोप लगाया कि बर्तन कारोबारी उनके दूर के रिश्तेदार हैं। उनका कहना है कि बेटे की मौत के बाद से कारोबारी पक्ष की ओर से ढाई लाख रुपये में समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। मोना ने साफ कहा, “हमें रुपए नहीं, इंसाफ चाहिए।”

मामले में अजमेर के थाना गंज पुलिस ने बर्तन कारोबारी रेशमा की तहरीर पर पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई। देर रात शव कानपुर लाया गया। रविवार को इश्तियाक को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

परिजनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Related News