February 7, 2026

संवाददाता 

कानपुर। ग्रीनपार्क स्टेडियम में वर्षों से लाल मिट्टी की पिच निर्माण का सपना संजोये दिवंगत क्यूरेटर शिव कुमार का सपना जल्द ही साकार होगा। 

उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने स्पष्ट कर दिया है कि दिवंगत क्यूरेटर शिव कुमार के अधूरे सपने को पूरा करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। यूपीसीए के कोषाध्यक्ष सचिन शुक्ला ने कहा कि ग्रीनपार्क में लाल मिट्टी की पिच निर्माण का कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा । 

दिवंगत क्यूरेटर शिव कुमार ग्रीनपार्क में लाल मिट्टी की पिच को लेकर लंबे समय तक प्रयासरत रहे। उन्होंने कई बार यूपीसीए और संबंधित अधिकारियों के समक्ष इस योजना का खाका रखा, लेकिन संसाधनों और प्राथमिकताओं के अभाव में यह सपना अधूरा रह गया।

यूपीसीए के कोषाध्यक्ष सचिन शुक्ला ने कहा कि “क्यूरेटर शिव कुमार ने ग्रीनपार्क के लिए जो सपना देखा था, उसे पूरा करना हमारा दायित्व है।  उन्होंने बताया कि पिच निर्माण के लिए उच्च गुणवत्ता की लाल मिट्टी मंगाई गई है और विशेषज्ञों की देखरेख में पूरा कार्य कराया जाएगा।बताते चलें कि बीते महीने ही क्यूरेटर शिवकुमार ग्रीनपार्क में नई पिच बनवाने के लिए लाल मिट्‌टी मंगवाई थी मगर अफसोस वह उस सपने को पूरा नहीं कर सके ।

गौरतलब है कि  ग्रीन पार्क स्टेडियम में पिच निर्माण के समय ही क्यूरेटर शिवकुमार की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। 

शिवकुमार देशभर के कई स्टेडियम की पिचों के लिए काम कर चुके थे। ग्रीन पार्क की पिच को वह लाल मिट्टी से बनाना चाहते थे।  शिवकुमार ने दो साल पहले तय किया था कि वह लाल मिट्टी की पिच अपने हाथों से बनाएंगे। इसके लिए उन्होंने करीब 20 दिन पहले ही मुंबई से लाल मिट्टी मंगवा ली थी। वह मिट्टी ग्रीन पार्क स्टेडियम में ही रखी हुई है। इसलिए शिवकुमार उसी के लिए पिच पर काम कर रहे थे। इसके बाद वह ग्रीन पार्क की पिच को लाल मिट्टी से बनाने की योजना बना रहे थे। 

शिव कुमार ने इलेक्ट्रीशियन के तौर पर खेल विभाग में नौकरी ज्वाइन की थी। उन्हें अक्टूबर 2000 में प्रयागराज से कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में लाइटिंग अरेंजमेंट करने के लिए बुलाया गया था।

उस दौरान पिच को लेकर उनकी बीसीसीआई की पिच कमेटी के सदस्य और ग्रीन पार्क के संरक्षक आनंद शुक्ला से बात हुई थी। तब आनंद शुक्ला ने शिवकुमार को ग्रीन पार्क ग्राउंड को संभालने का जिम्मा सौंप दिया था। उन्होंने ग्रीन पार्क में 2005 से अब तक खेले गए सभी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए विकेट तैयार की।

भारत का 500वां टेस्ट हो या आईपीएल, हर बड़े आयोजन में उनकी बनाई पिचों की सराहना हुई। राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी उनके कार्य की खुले मंच से प्रशंसा कर चुके हैं।

शिवकुमार चाहते थे कि हमारे बल्लेबाज तेज पिचों पर बेहतरीन बल्लेबाज़ी कर सकें। इसके अलावा हमारे गेंदबाज तेज पिचों पर अच्छे उछाल का फायदा उठा सकें। इसके लिए वह काम कर रहे थे। पिच एक्सपर्ट बताते हैं कि काली मिट्टी की पिच में उछाल कम होता है, जबकि लाल मिट्टी की पिच में गेंदबाजों को ज्यादा उछाल मिलता है।क्योंकि कानपुर सहित उत्तर भारत में अधिकतर पिचें काली मिट्टी की बनी हैं। इसकी वजह से जब हमारे खिलाड़ी बाहर खेलने जाते थे, तो उन्हें लाल मिट्टी की उछाल भरी पिचों पर खेलना पड़ता था।

लाल मिट्टी की पिच देश के दक्षिण और पश्चिमी क्षेत्रों में पाई जाती है। इसलिए शिवकुमार चाहते थे कि तेज उछाल भरी पिचों पर हमारे खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

अभी ग्रीनपार्क में काली मिट्‌टी की 9 पिच बनी हैं। इसके अलावा 6 अभ्यास पिच बनी हैं। लाल मिट्‌टी की पिच बनने से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी तैयार हो सकेंगे।शिवकुमार के बेहद करीबी उनके दोस्त पूर्व भारतीय खिलाड़ी ज्ञानेन्द्र पांडेय ने बताया कि वह  भी ग्रीन पार्क के हॉस्टल में लगभग 8 सालों तक रहे शिवकुमार से उनके बहुत अच्छे संबंध थे।  उनकी हमेशा यही सोच रहती थी कि यहां सीखने वाला हर खिलाड़ी बेहतर खेल का प्रदर्शन करें।शिवकुमार के साथ पिच पर काम करने वाले भूपेंद्र चौहान ने बताया कि दोनों लोग 22 साल से साथ काम कर रहे थे। शिवकुमार लाल मिट्टी की पिच इसलिए बनाना चाहते थे, क्योंकि जब खिलाड़ी बाहर खेलने जाते थे, तो उन्हें दिक्कत होती थी। यूपीसीए के नोडल अधिकारी सुरजीत श्रीवास्तव ने बताया कि यह यूपीसीए के लिए अपूर्णीय क्षति है, जिसकी भरपाई कर पाना मुमकिन नहीं है। यूपीसीए की ओर से परिवार के लिए जो भी संभव मदद होगी वह अवश्य की जाएगी।

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