March 3, 2026

संवाददाता
कानपुर।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष पवन गुप्ता के बेटे अभिमन्यु गुप्ता और सिद्धार्थ काशीवार का नाम कोऑर्डिनेटर की सूची में आने के बाद कांग्रेस की सियासत और गरमा गई है। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से लेकर नीचे तक के लोगों में ये अब चर्चा का विषय बन गया हैं। हर किसी कि जुबान पर बस एक ही बात है ऐसे में कांग्रेस पार्टी का कद कैसे बढ़ेगा।
एक ही परिवार के तीन लोग और तीनों अलग-अलग पार्टी के लिए राजनीति कर रहे हैं। पवन गुप्ता के बड़े बेटे सिद्धार्थ काशीवार छावनी रामलीला कमेटी के सक्रीय सदस्य है और भाजपा खेमे में हमेशा देखे जाते रहे हैं।
इसके अलावा उनके छोटे बेटे अभिमन्यु गुप्ता सपा की राजनीति करते हैं और सपा के टिकट से विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं।
विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने काऑर्डिनेटर बनाए जाने के लिए नाम मांगे थे। इसमें पवन गुप्ता ने अपने दोनों बेटों का भी नाम शामिल कर दिया था। इसके बाद नामों को गुप्त रखा गया। नाम सामने आने के बाद ये चर्चा सोशल मीडिया तक पहुंच गई।
पवन गुप्ता को जब शहर का अध्यक्ष बनाया गया था, उस समय पार्टी के वरिष्ठ नेता आलोक मिश्रा ने इसका विरोध किया था। उन्होंने अहमदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय कार्य समिति के सम्मेलन में अप्रैल 2025 में ये मुद्दा भी उठाया था कि एक ही परिवार के तीन लोग अलग-अलग पार्टी की राजनीति करते है तो ऐसे में अध्यक्ष बनाया जाना ठीक नहीं हैं।
कांग्रेस ने सभी जिलों से 4 माह पूर्व दावेदारों की लिस्ट मांगी गई थी, उसमें पवन गुप्ता ने अपने दोनों बेटों का नाम भेजा था। ये कोऑर्डिनेटर एसआईआर पर भी काम करेंगे। 

इस मामले में पवन गुप्ता का कहना है कि शहर से प्रभावशाली लोगों की सूची मांगी गई थी। उन्हीं को कोआर्डिनेटर बनाया गया हैं। मैंने कोआर्डिनेटर नहीं बनाया है, ये प्रदेश स्तर से बनाया गया है।