March 10, 2026

संवाददाता
कानपुर। 
शिवराजपुर विकासखंड के सखरेज गांव में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। नायब तहसीलदार दिव्या भारती ने 11.5 हेक्टेयर बेशकीमती भूमि को सरकार के नाम दर्ज करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई कानपुर की सिविल लाइन निवासी प्रकाशवती की संपत्ति से संबंधित है, जिनकी 24 वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है और उनका कोई वारिस नहीं है।
सखरेज गांव में आटी मंदिर के पास स्थित यह भूमि प्रकाशवती पत्नी बिंदेश्वरी की थी। उनकी मृत्यु के बाद कोई वारिस न होने का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन को अपने नाम चढ़वा लिया था। राजस्व अधिकारियों द्वारा की गई जांच में यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।
जांच में धोखाधड़ी साबित होने के बाद नायब तहसीलदार दिव्या भारती ने तत्काल प्रभाव से 11.5 हेक्टेयर भूमि को कब्जे में लेकर उसे सरकार के नाम दर्ज करने का निर्देश दिया।

बिल्हौर तहसील के सरकारी अधिवक्ता सुशांक मिश्रा ने बताया कि प्रकाशवती का निधन वर्ष 2001 में हुआ था। उनके कोई वारिस न होने के कारण दशकों तक स्थानीय कब्जेदार इस भूमि पर खेती करते रहे।
हालांकि, राजस्व विभाग की जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर लेखपाल अजय त्रिपाठी ने गलत अभिलेखों को निरस्त कर दिया था।

नायब तहसीलदार दिव्या भारती ने स्पष्ट किया कि प्रकाशवती का कोई वारिस नहीं है, इसलिए भूमि को सरकार के कब्जे में लेकर उसका जनहित के कार्यों के लिए उपयोग किया जाएगा।