
संवाददाता
कानपुर। हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय के 7वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शामिल हुईं। उन्होंने पदक विजेताओं को बधाई दी और कहा कि हर पदक आपके संघर्ष और मेहनत का फल है। राज्यपाल ने छात्रों को जीवन में अनुशासन अपनाने और राष्ट्रहित में काम करने की सीख दी।
राज्यपाल ने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन चुनौतियां भी उतनी ही बड़ी हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की कई खामियों की तरफ भी इशारा किया। वाईफाई, बिजली और टॉयलेट जैसी समस्याओं को जल्द सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही सेवा पखवाड़ा और सशक्त नारी अभियान के तहत किए गए कामों की रिपोर्ट भी मांगी।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रों से कहा कि आने वाले 40 साल आपकी दिशा तय करेंगे। यूनिवर्सिटी ने आपको एक रनवे दिया है। अब यह आप पर निर्भर है कि आप दौड़ते हैं या उड़ान भरते हैं। प्रधानमंत्री मोदी युवाओं पर पूरा भरोसा रखते हैं। जीवन में अनुशासन जरूरी है, वरना वक्त यूं ही निकल जाएगा। संकल्प लें तो 24 में से 18 घंटे काम करना भी मुश्किल नहीं।
राज्यपाल ने कहा कि आज भारत हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। बांस से एथेनॉल बनाने का काम असम में हो रहा है। डिजिटल युग में सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत ने मजबूत कदम रखा है। पीएम योजनाओं के तहत कौशल और परिश्रम को सम्मान मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह राष्ट्रहित में लगे। शिक्षा सिर्फ निजी उपलब्धि तक सीमित नहीं होनी चाहिए। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय से सेवा पखवाड़ा और सशक्त नारी अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों की बुकलेट मांगी। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों को हर गांव तक पहुंचना जरूरी है। जहां सरकारी योजनाएं नहीं पहुंची हैं, वहां विश्वविद्यालय के छात्र और स्टाफ जाकर लाभ दिलाएं। जनप्रतिनिधियों को भी सेवा भाव से काम करना होगा।
समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि पहुंचे इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन अरविंदर सिंह ने कहा, आज देश के 99% घरों तक गैस सिलेंडर पहुंच चुका है। पहले रसोई का धुआं महिलाओं को बीमार बना देता था। हमने वो समय देखा है।
उन्होंने कहा, आप लोग सौभाग्यशाली हैं कि देश को नरेंद्र मोदी जैसे प्रधानमंत्री मिले हैं। अगर अधिकारी भी उनके जैसे समर्पण से काम करें, तो विकसित भारत अब सपना नहीं, हकीकत होगा।
समारोह के दौरान राज्यपाल की विशेष टीम ने विश्वविद्यालय की अवस्थाओं का भी जायजा लिया। कुछ प्रमुख समस्याएं चिन्हित की गई। जिसमें वाईफाई की खराब स्थिति, बार-बार बिजली जाना, विवि और हॉस्टल के बाथरूम व टॉयलेट की खराब मेंटेनेंस, गर्ल्स हॉस्टल में स्टूडेंट्स का खुद मेस का मैनेजमेंट करना, नए भवन की ड्राइंग में तकनीकी खामियां, जैसी बाते मुख्य रहीं। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बुलाकर तुरंत सुधार कार्य शुरू करें।






