
संवाददाता
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के कर्मचारियों ने अपनी लंबित समस्याओं के निराकरण को लेकर एक बार फिर आंदोलन को तेज कर दिया है। शुक्रवार को कर्मचारियों ने काम ठप करने के बाद प्रशासनिक भवन के बाहर जमकर प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन, पदोन्नति, नियुक्ति और सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष आलोक कुमार और महामंत्री अभिषेक त्रिवेदी द्वारा कुलसचिव को दिए गए पत्र में कहा गया है कि 22 अगस्त को सौंपे गए मांग पत्र में 18 सूत्रीय समस्याओं के निराकरण की मांग की गई थी।
इनमें पदोन्नति प्रक्रिया, वेतन विसंगति दूर करना, मृतक आश्रित नियुक्ति, लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान, अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण, रात्रिकालीन भत्ते की व्यवस्था, गैर-शैक्षिक कार्यों से कर्मचारियों को मुक्त करना और सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल हैं।
एसोसिएशन का कहना है कि समस्याओं पर कार्रवाई न होने के कारण कर्मचारी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। 4 सितम्बर को पुनः पत्र भेजकर साफ कर दिया गया था कि यदि तीन कार्य दिवसों में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो 12 सितम्बर से सभी कर्मचारी आंदोलन के लिए विवश होंगे।
संघ का आरोप है कि कुलपति और प्रशासन के स्तर पर गंभीर समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि कर्मचारी कई बार अपनी बात रख चुके हैं।
कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि आंदोलन के कारण यदि विश्वविद्यालय की शैक्षिक व प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि अब सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि लिखित आदेश और कार्यवाही की जानी चाहिए। कर्मचारियों की एकजुटता के साथ यह आंदोलन विश्वविद्यालय में व्यापक असर डाल सकता है।






