March 10, 2026

संवाददाता
कानपुर।
आईआईटी कानपुर के एडवांस्ड सेंटर फॉर मटेरियल्स साइंस  की ओर से शुक्रवार को एक दिवसीय  एडवांसेंस इन माइक्रोस्कोपी – 2025 – ऑप्टिकल इमेजिंग एक्रॉस द स्केल्स कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में देश-विदेश से आए 90 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें शोधार्थी, छात्र, प्राध्यापक, तकनीकी कर्मचारी और उद्योग विशेषज्ञ शामिल रहे। आयोजन में जाइस इंडिया ने औद्योगिक सहयोगी के रूप में भागीदारी की।
कार्यशाला के दौरान कॉनफोकल माइक्रोस्कोपी, सुपर-रेजोल्यूशन तकनीक और एकल-अणु इमेजिंग जैसी उन्नत तकनीकों पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों को जीवित कोशिका इमेजिंग में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
इस मौके पर विशेषज्ञों ने माना कि ऐसे आयोजन अकादमिक जगत और उद्योग जगत के बीच संवाद और सहयोग को नई दिशा प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए एसीएमएस प्रमुख प्रो. अनीश उपाध्याय ने कहा एसीएमएस, आईआईटी कानपुर की वैज्ञानिक अनुसंधान में उत्कृष्टता और समाजोपयोगी शोध के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने केंद्र की मॉडर्न प्रयोगशालाओं, जीवित कोशिका इमेजिंग, द्वि-फोटॉन माइक्रोस्कोपी, इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी, एक्स-रे विवर्तन, एक्स-रे फोटोइलेक्ट्रॉन स्पेक्ट्रोस्कोपी और नमूना तैयारी प्रयोगशालाएं की जानकारी साझा की।
कार्यशाला की शुरुआत संयोजक प्रो. नितिन मोहन के ऑप्टिकल इमेजिंग का इतिहास, साधारण लेंस से सुपर-रेजोल्यूशन तक विषय पर व्याख्यान दिया। इसके बाद जैविक विज्ञान और जैव अभियांत्रिकी विभाग के प्रो. राकेश कुमार माझी ने गैर-चिपकने वाली कोशिकाओं की माइक्रोस्कोपी की चुनौतियां पर व्याख्यान दिया।
जाइस इंडिया से ऋषिकांत ने ऑप्टिकल विभेदन तकनीक और कॉनफोकल व जीवित कोशिका इमेजिंग के व्यावहारिक पहलुओं पर जानकारी दी। वहीं, भौतिकी विभाग के प्रो. वेंकट जयसूर्य याल्लप्रगड़ा ने सूक्ष्म प्रकाश उत्सर्जक और बिखराने वाले कणों का अध्ययन विषय पर विचार रखे।
जैविक विज्ञान और जैव अभियांत्रिकी विभाग के प्रो. दिव्येंदु कुमार दास ने वायरस जीवन चक्र को समझने में एकल-अणु इमेजिंग का उपयोग विषय पर व्याख्यान दिया।