
संवाददाता
कानपुर। चंद्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर में शुक्रवार को कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई।
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों और कृषि वैज्ञानिकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित की जाने वाली फसलों की नई प्रजातियों का नाम सीएसए विश्वविद्यालय के नाम पर रखा जाए, जिससे इनकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो सके।
मंत्री ने कहा कि तोरिया मिनीकिट वितरण का लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है। इसके लिए किसानों को जागरूक करने और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की ज़रूरत है।
उन्होंने कहा कि 1 से 25 सितम्बर तक राई एवं सरसों के मिनीकिट की बुकिंग ऑनलाइन की जा रही है, जिसके आधार पर चयन ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली से होगा। कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन कृषकों ने कृषि यंत्रों की बुकिंग के लिए ऑनलाइन टोकन मनी जमा की थी, उनकी धनवापसी तत्काल सुनिश्चित की जाए।
कृषि वैज्ञानिकों को निर्देशित किया गया कि नई प्रजातियों के विकास का लक्ष्य फसल उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने विभिन्न फसलों के लिए उत्पादकता लक्ष्य भी तय किए।
बैठक के बाद मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बीज विकास निगम के परियोजना कार्यालय और बीज विद्यायन संयंत्र, कल्याणपुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बीजों की गुणवत्ता का परीक्षण किया और अधिकारियों को इसे किसानों तक सर्वोत्तम रूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक और निरीक्षण के दौरान बीज विकास निगम के प्रबंध निदेशक एवं बीज प्रमाणीकरण संस्था के प्रबंध निदेशक पी यू पी शर्मा, बीज प्रमाणीकरण संस्था के निदेशक टीपी चौधरी और परियोजना निदेशक बीज विकास निगम उमाशंकर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






