
संवाददाता
कानपुर। बिल्हौर में एक अवैध गर्भपात केंद्र ने एक महिला की जान ले ली। शिवराजपुर के भग्गी निवादा गांव की रहने वाली रेखा को बिल्हौर के बलराम नगर स्थित एक क्लीनिक में गर्भपात के लिए लाया गया।
क्लीनिक संचालिका पूनम कटियार ने तीन सहयोगियों के साथ गर्भपात की प्रक्रिया की। पूनम कटियार खुद को सेवानिवृत चिकित्सक बताती हैं। गर्भपात के बाद घर पहुंचते ही रेखा की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें पहले कानपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। फिर मेट्रो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
मेट्रो हॉस्पिटल में दूसरे ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों को पता चला कि गर्भपात के समय रेखा की छोटी आंत कट गई थी। इसके बाद उनकी मौत हो गई। मृतका के पति दिनेश गौतम ने बताया कि रेखा घर की अकेली महिला थी। उनके दो बेटे अनुराग और कपिल हैं।
शिकायत मिलने पर बिल्हौर के उपजिलाधिकारी संजीव कुमार दीक्षित ने सीएचसी अधीक्षक को जांच के निर्देश दिए।
जांच के बाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र राजपूत ने क्लीनिक को सील कर दिया।
मृतका के पति दिनेश के अनुसार, उनकी पत्नी के बाद एक किशोरी का भी गर्भपात होना था। प्रशासन इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रहा है।






