March 4, 2026

संवाददाता

कानपुर। वक्रतुण्ड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा और गणपति बप्पा मोरया आदि मन्त्रों  के साथ विघ्नहर्ता गणपति महाराज का आगमन भक्तों ने विधिवत पूजन अर्चन से किया। शुक्ल महायोग और चित्रा नक्षत्र में बुधवार के विशेष दिन गणपति महाराज को भोर पहर से ही घरों में विराजमान किया जाने लगा।

वहीं शहर के प्रमुख पाण्डालों में मराठी परम्परा के तहत विशेष पूजन करते हुए उत्साह का नजारा देखने को मिला। देर रात तक पाण्डालों को मनोहारी स्वरूप में सजाया गया तथा भोर पहर भक्तों ने गणपति महाराज का बंधन कर उनको पंडालों में स्थापित किया। वहीं नगर के पाण्डालों में स्थापित करने के लिए मंगलवार को भी कुछ स्थानों में गणपति की प्रतिमा पूरे गाजे बाजे के साथ लायी गयी। यही क्रम देर रात से लेकर बुधवार की दोपहर तक चला और 10 दिवसीय भक्तिमय माहौल की शुरुआत हो गयी। 

शहर के घंटाघर, लाल बंगला, माल रोड, फूल बाग, कल्याणपुर, गुजैनी, पी रोड, चंद्रिका देवी, अशोकनगर, मंधना सहित लगभग हजार पंडालों में इस बार गणपति महोत्सव की छटा देखने को मिलेगी। नगर के सबसे प्राचीन मन्दिरों में सुतर खाना स्थित सिद्धिविनायक मंदिर के पास प्राचीन पंडाल में भोर पहर से गणपति महाराज का पूजन अर्चन किया गया। भगवान की स्थापना कर भक्तों ने विधिवत पूजन किया। विघ्नहर्ता के जयकारों के बीच अशोकनगर, लाल बंगला के पंडालों में गणपति महाराज की थीम आधारित प्रतिमा स्थापित की गई।इसी प्रकार शहर के सबसे पुराने गणेश उत्सव में से एक महाराष्ट्र मंडल द्वारा खलासी लाइन में सार्वजनिक श्री गणेश पूजन महोत्सव का आयोजन धूमधाम से किया जाएगा इसके लिए बुधवार को प्रातः महाराष्ट्रीयन रीति रिवाज से गणपति महाराज की स्थापना की गई। वहीं संध्या काल में भजन और विशेष पूजन का आयोजन किया गया। नगर के तीसरे और प्रसिद्ध प्राचीन गणेश मन्दिरों में से एक बिठूर के सिद्धिविनायक मन्दिर परिसर में भक्तों का समूह गणपति के पूजन के लिए उमडा।

गणेश उत्सव के प्रथम दिन बुधवार पड़ने के कारण घंटाघर स्थित सिद्धिविनायक मंदिर में गणपति महाराज के दर्शन को बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे । भोर पहर से ही बप्पा को मोदक का भोग अर्पित कर भक्त सुख समृद्धि और परिवार कल्याण की प्रार्थना की। वही घरों में सुबह से विधिवत गणपति महाराज की स्थापना पूजन का आयोजन विधिवत और पारम्पेरिक तरीके से किया गया गणपति महाराज का पूजन अर्चन कर उनकी आरती की गयी विघ्न हर्ता से मंगल की कामना की।