
संवाददाता
कानपुर। शनिवार को एक महिला सीवर की समस्या से परेशान होकर आत्महत्या करने की कोशिश करने लगी। महिला अपने मकान की दूसरी मंजिल पर चढ़ गई। इसके बाद उसने पुलिस को फोन करके कहा कि अगर सीवर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह कूदकर जान दे देगी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह महिला को समझाकर शांत कराया। इसके बाद नगर निगम की टीम भी मौके पर पहुंची और सीवर की समस्या का तत्काल समाधान किया। करीब 8 घंटे बाद महिला को समझाया गया, जिसके बाद वह छत से नीचे उतरी और भरोसा दिलाया कि अब वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठाएगी।
आत्महत्या की धमकी देने वाली महिला ने बताया कि वह लंबे समय से सीवर की समस्या को लेकर जलकल और नगर निगम के चक्कर लगा रही थी, लेकिन महीनों तक कोई सुनवाई नहीं हुई। जई ने कहा कि जहां आपको शिकायत करनी है तो कर दो, काम नहीं होगा। इससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।
चकेरी के विराट नगर में वार्ड नंबर-31 में शांति मैरिज लॉन के पास महिला प्रतिभा पांडेय का घर है। प्रतिभा के पति सुनील पांडेय प्राइवेट नौकरी करते हैं। प्रतिभा ने बताया- मेरे घर के सामने सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसकी वजह से पूरी गली में सीवर का पानी भर गया था। मेरा ही नहीं, पूरे मोहल्ले के लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। सीवर का पानी पैर और बाइक के पहियों के जरिए घरों के अंदर तक पहुंच जाता था।
इस समस्या के समाधान के लिए मैं पिछले 8 महीनों से जलकल विभाग के चक्कर लगा रही थी। जोनल ऑफिस से लेकर जलकल के जीएम और आईजीआरएस तक सैकड़ों शिकायतें कीं, लेकिन हर बार केवल झूठे आश्वासन और फर्जी रिपोर्ट देकर मामला टाल दिया गया। समस्या का समाधान नहीं हुआ।
जेई प्रदीप मौर्य ने हमें काफी मानसिक रूप से परेशान किया। इसलिए मैं उनका नाम विशेष रूप से ले रही हूं। पहले वह कहते थे कि काम हो जाएगा, लेकिन बाद में उन्होंने साफ कह दिया कि आपका काम नहीं हो पाएगा और जहां शिकायत करनी है कर दीजिए। यह सुनकर मैं बहुत आहत हुई।
इतनी छोटी सी समस्या होने के बावजूद हमें लगातार परेशान किया गया और मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया गया कि अंत में मुझे सुसाइड की कोशिश तक करनी पड़ी।
हम कोई धमकी नहीं दे रहे थे, लेकिन जब बात सम्मान पर आ गई तो हमने अपना कदम उठा लिया। अगर समाधान नहीं होता तो हम जान देने को मजबूर हो जाते। हमारे लिए मान-सम्मान सबसे पहले है, और इसके लिए हम अपने प्राणों की भी चिंता नहीं करते।
डीएम से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद मैंने डायल-112 पर कॉल करके बताया कि मैं छत से कूदकर जान देने जा रही हूं और मेरी मौत के जिम्मेदार जलकल, जलनिगम और नगर निगम के अधिकारी होंगे।
इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मकान को घेर लिया। बड़ी संख्या में मोहल्ले के लोग भी इकट्ठा हो गए। बाद में नगर निगम और जलकल की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत काम शुरू कराया गया। अब मैं आत्महत्या नहीं करूंगी।






