June 7, 2026

संवाददाता 
कानपुर।
कोचिंग संचालक विजय प्रकाश गुप्ता की हत्या करने वाला उनका 18 साल पुराना दोस्त मोहित द्विवेदी निकला है। मोहित ने विजय की हत्या किसी रंजिश के कारण नहीं, बल्कि करीब 10 लाख रुपए के सोने के ब्रेसलेट और चेन लूटने के लिए की थी। पुलिस ने इस  हत्याकांड का खुलासा किया है ।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि मोहित द्विवेदी ने करीब 15 दिन पहले ही वारदात की योजना बना ली थी। उसने यूट्यूब पर सर्च किया कि पहचान छिपाकर दोस्त की हत्या कैसे करें। उसने क्राइम पेट्रोल के कई एपिसोड भी देखे, जिससे पुलिस जांच से बच सके।
पहचान छिपाने के लिए मोहित ने बुर्का, लेडीज चप्पल, पर्स, दुपट्‌टा, ग्लव्स पहने। 31 मई की रात ऑटो से कोचिंग पहुंचकर लूट की। विरोध करने पर जोर का धक्का दिया। इससे विजय प्रकाश गुप्ता जमीन पर गिर गए। सिर में चोट लगने के कारण वे बेहोश हो गए। बाद में उनकी मौत हो गई। फिर मोहित उन्हें दूसरे कमरे में घसीटकर ले गया। अगले दिन 1 जून की सुबह महिला टीचर पहुंची तो विजय का खून से लथपथ शव देखा और पुलिस को सूचना दी।
कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि नवाबगंज के आजाद नगर के रहने वाले कोचिंग संचालक विजय प्रकाश गुप्ता और आरोपी मोहित द्विवेदी पिछले 18 सालों से एक-दूसरे को जानते थे। दोनों एक ही बिल्डिंग में कोचिंग चलाते थे। अक्सर समय साथ बिताते थे। वे साथ में शराब पीते और जुआ भी खेलते थे।
मोहित की पत्नी कई साल पहले उसे छोड़कर चली गई थी। इसके कुछ समय बाद उसकी कोचिंग भी बंद हो गई। फिर वह एक कंपनी में लेबर सप्लाई का काम करने लगा। होली के दौरान मोहित और विजय साथ में खजुराहो घूमने गए थे। वहीं पर मोहित की नजर विजय के करीब 10 लाख रुपए कीमत के सोने के ब्रेसलेट और चेन पर पड़ी। तभी से उसने इन जेवरों को लूटने की योजना बनानी शुरू कर दी थी।
आरोपी मोहित द्विवेदी ने 15 मई के आसपास लूट की योजना बना ली थी। उसने क्राइम पेट्रोल के कई एपिसोड देखे। यूट्यूब पर भी सर्च किया कि पहचान छिपाकर हत्या कैसे की जाए। हत्या करने से करीब एक सप्ताह पहले वह नवाबगंज की साप्ताहिक सोमवार बाजार गया। वहां से बुर्का, लेडीज चप्पल, पर्स, दुपट्टा और ग्लव्स खरीदे।
वह बुर्का पहनकर कोचिंग सेंटर के आसपास पहुंचा। लूट के बाद भागने के सभी रास्तों की रेकी भी की। साथ ही यह भी देखा कि किन-किन रास्तों और जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
रेकी पूरी करने के बाद 31 मई की दोपहर करीब 3:30 बजे मोहित अपनी कार से स्वरूप नगर स्थित जेके कैंसर हॉस्पिटल पहुंचा। वहां कार पार्क करने के बाद वह अस्पताल के अंदर गया और कुछ देर बाद बुर्का पहनकर बाहर निकला।
इसके बाद वह ऑटो से अनवरगंज रेलवे स्टेशन पहुंचा। शाम करीब 5:30 बजे वह कन्नौज से आने वाली ट्रेन का इंतजार करने लगा, ताकि पुलिस को यह लगे कि वारदात को अंजाम देने वाला कन्नौज से आया था।
ट्रेन आने के बाद मोहित स्टेशन से बाहर निकला और ऑटो में बैठ गया। खुद को गूंगा साबित करने के लिए उसने ऑटो चालक को विजय की कोचिंग का पता एक पर्ची पर लिखकर दिया। ऑटो चालक गूगल मैप की मदद से उसे कोचिंग सेंटर तक लेकर पहुंचा।
शाम करीब 6:45 बजे मोहित कोचिंग सेंटर से करीब 20 मीटर पहले ऑटो से उतर गया। करीब 10 मिनट तक इंतजार करने के बाद वह विजय प्रकाश गुप्ता के पास पहुंचा। उसने एक पर्ची देकर कोचिंग में एडमिशन लेने की बात लिखकर बताई। इस पर विजय ने नहाने जाने की बात कहते हुए उसे 10 मिनट इंतजार करने को कहा।
कुछ देर बाद विजय वापस आए तो मोहित ने उनकी सोने की चेन छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर दोनों के बीच हाथापाई हुई। इसी दौरान मोहित ने विजय को जोरदार धक्का दे दिया, जिससे वह गिरकर बेहोश हो गए।
इसके बाद मोहित ने उनकी सोने की चेन और ब्रेसलेट लूट लिए। आरोपी ने विजय को घसीटकर कोचिंग के दूसरे कमरे में पहुंचाया। फिर मौके से फरार हो गया।
साइबर सेल में तैनात दरोगा शिव कुमार ने बताया कि  हत्या के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू करी। जांच के दौरान कई जगह एक बुर्का पहने संदिग्ध दिखाई दिया। पुलिस ने करीब 500 सीसीटीवी फुटेज की जांच की।
फुटेज से पता चला कि वारदात के बाद बुर्का पहने व्यक्ति स्वरूप नगर की गलियों से होते हुए नवाबगंज पहुंचा। गंगा बैराज के पास अमरूद मंडी से वह ऑटो में बैठकर गुरुदेव जाने वाली सड़क की ओर गया।
गुरुदेव में ऑटो से उतरने के बाद वह पैदल रावतपुर स्टेशन की तरफ गया। वहां से ऑटो लेकर जेके कैंसर अस्पताल पहुंचा। कुछ देर बाद अस्पताल से एक युवक बाहर निकला और कार में बैठकर मोतीझील होते हुए नवाबगंज की ओर चला गया।
सीसीटीवी फुटेज में युवक का चेहरा साफ दिखाई दे रहा था। इसी आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान की। इसके बाद आजाद नगर निवासी मोहित द्विवेदी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में वह टूट गया और हत्या व लूट की वारदात कबूल कर ली।
नवाबगंज के आजाद नगर स्थित डाटा एक्सपर्ट कंप्यूटर कोचिंग संस्थान में सोमवार सुबह कोचिंग संचालक विजय प्रकाश गुप्ता का शव मिला था। सुबह कोचिंग पहुंची एक शिक्षिका ने कमरे में उनका शव पड़ा देखा, जिसके बाद उन्होंने शोर मचाया और आसपास के लोगों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक के भाई विकास गुप्ता ने पुलिस को बताया था कि विजय की सोने की चेन और ब्रेसलेट गायब थे, जबकि उनकी जेब में 15 हजार रुपए मिले थे। इसी आधार पर पुलिस ने लूटपाट के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई थी।
डीसीपी सेंट्रल, एडीसीपी, नवाबगंज पुलिस और सर्विलांस टीम फोरेंसिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंच पाई। पूछताछ के दौरान मोहित द्विवेदी ने हत्या और लूट की पूरी साजिश कबूल कर ली।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूटी गई सोने की चेन, ब्रेसलेट और अन्य जरूरी साक्ष्य बरामद किए हैं। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी मोहित द्विवेदी पढ़ा-लिखा है। वह बीए, एलएलबी और एमए की पढ़ाई कर चुका है। हाल ही में उसने टीजीटी की परीक्षा भी दी थी।