April 29, 2026

आ स. संवाददाता 
कानपुर।
  धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बिल्डर ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जिला खाद्य वितरण अधिकारी से 24 लाख रुपए हड़प लिए। विरोध करने पर व्यापारी नेता और उसके सहयोगियों ने अधिकारी को धमकाया। पीड़ित अधिकारी ने पुलिस कमिश्नर से मामले में शिकायत की। जिसके बाद व्यापारी नेता समेत तीन के खिलाफ रावतपुर थाने में धोखाधड़ी, कूटरचना समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी ।
बिठूर रोड स्थित ग्रीस अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 9 ए निवासी समरेंद्र प्रताप सिंह जिला खाद्य वितरण विभाग कन्नौज में मार्केटिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत है। कन्नौज में उनकी मुलाकात एन ब्लॉक किदवई नगर निवासी नफेड के ठेकेदार दिलीप ओझा से हुई थी। दिलीप ने उन्हें शारदा नगर स्थित एक अपार्टमेंट में फ्लैट दिलाने की बात कही। उनके हां करने पर दिलीप ने उनकी मुलाकात जयंती स्टेट प्रेन्योट प्रा. लि. के निदेशक व उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष आचार्य नगर निवासी मुकुंद स्वरूप मिश्रा व हनुमान प्रसाद ओझा से कराई। फ्लैट देखने के बाद उन्होंने 24 लाख रुपए आरोपितों को चेक व कैश के रूप में भुगतान कर दिया। जिस पर आरोपियों ने उन्हें 24 दिन के अंदर बैनामा करने का आश्वासन दिया था ।
लेकिन 24 दिन का समय पूरा होने पर भी जब आरोपी ने रजिस्ट्री नहीं की, तो उन्होंने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी। जिसमें उन्हें जानकारी हुई कि अपार्टमेंट का नक्शा केडीए से पास नहीं है। आरोप है कि अपने साथ धोखाधड़ी होने की जानकारी होने पर जब समरेंद्र ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली गलौज करते हुए उन्हें धमकाना शुरू कर दिया।
इंस्पेक्टर रावतपुर के मुताबिक मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई थी । विवेचना के दौरान मामले में मुकुंद स्वरूप मिश्रा की संलिप्तता न पाए जाने पर उनका नाम मुकदमे से हटा दिया गया है।

दस्तावेजो के आधार पर पुलिस मामले में जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी। 

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