June 23, 2026

संवाददाता 

कानपुर। सेक्स रैकेट के मामले में रावतपुर थाने से पिछले माह जेल भेजे गए बंदी की इलाज के दौरान उर्सला अस्पताल में मौत हो गई। जेल प्रशासन की सूचना पर उनके दोनों बेटे पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह बैंगलौर स्थिज पिज्जा कंपनी में काम करते है। पिता शराब के लती थे, जिसके चलते उन्हें लीवर में समस्या थी।

हनुमंत विहार थानाक्षेत्र के खाड़ेपुर कर्रही निवासी 52 वर्षीय अंबिका सिंह को बीती 16 मई मई को रावतपुर पुलिस ने सेक्स रैकेट के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अंबिका के दो बेटे करन प्रताप और यश प्रताप हैं, जबकि उनकी पत्नी शशि सिंह की मौत हो चुकी हैं। बड़े बेटे करन ने बताया कि वह बैंगलौर स्थित पिज्जा कंपनी में काम करते थे।

बताया कि वह अपने पिता से ज्यादा मतलब नहीं रखते थे। रविवार शाम अंबिका सिंह की जेल में हालत बिगड़ गई। इस पर जेल प्रशासन ने उसे उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जेल सुपरिटेंडेंट राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि बंदी को लीवर की बीमारी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट होगी।