April 30, 2026

संवाददाता
कानपुर।
नगर का मेट्रो प्रशासन यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन के साथ-साथ साहित्य और संस्कृति से जोड़ने की पहल कर रहा है। इसी कड़ी में शो योर टैलेंट कार्यक्रम के तहत हिंदीवाला संस्था के सहयोग से कानपुर सेंट्रल मेट्रो स्टेशन पर काव्य पाठ का आयोजन किया गया।
डॉ. दिव्यांशु पांडेय ने अपनी कविता चांद ने भी नजर छुपाकर कहा, मैं चमक बस रहा चांदनी के लिए प्रस्तुत की। युवा कवि करतल किशोर की पंक्तियां सुख पल दो पल में बूढ़ा हो जाता है, दुःख की दुल्हन नई नवेली रहती है श्रोताओं के बीच सराही गईं।
अतुल फर्रूखाबादी ने अपनी प्रेरणादायक पंक्तियां दिल गम से लड़ने की हिम्मत करते रहिए, खुश रहिए और मोहब्बत करते रहिए सुनाई। शुभम तिवारी ने अपनी रचना ये दुनिया जाने क्या क्या चाहती है, मगर मीरा तो कान्हा चाहती है का पाठ किया।
कार्यक्रम में डॉ. अशोक अग्रहरि, अभिषेक सिंह अभिमन्यु, अंकिता श्रीवास्तव, ऋचा तिवारी, शुभम कुमार, शैलेन्द्र कुमार जमीर, आनंद ठाकुर, गोपाल जी शुक्ला, उत्कर्ष त्रिपाठी, अभिषेक कुशवाहा, अक्षय मिश्रा, ज्योति, रत्नेश सृजन, रिषिका शर्मा, गोविंद द्विवेदी, अभिषेक, आकाश, राधा, अरुण राठौर, हरप्रीत कौर सहित कई अन्य कवियों ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत करी।
पूर्व आईएएस अधिकारी अनुराग पटेल ने भी अपनी कविता का पाठ किया और युवाओं को रचनात्मकता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन शुभम तिवारी ने किया।
कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों और यात्रियों ने कानपुर मेट्रो की शो योर टैलेंट पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल युवा कलाकारों की रचनात्मकता को बढ़ावा दे रही है। इस पहल के तहत कानपुर मेट्रो नवोदित कलाकारों को मेट्रो स्टेशनों पर कविता, संगीत, बैंड, नृत्य, नुक्कड़ नाटक और अन्य कलाओं की प्रस्तुति का अवसर प्रदान करता है। 

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