April 30, 2026

संवाददाता
कानपुर।
  तीन सौ मिलियन डॉलर के लोन की रिकवरी के नाम पर शहर के एक व्यापारी से ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी लोन की रिकवरी में कमीशन दिलवाने के नाम पर व्यापारी से ठगी करते रहे।

काफी समय बीतने के बाद भी आरोपियों की रुपए की मांग बंद नहीं होने पर पीड़ित व्यापारी को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ। जिसके बाद पीड़ित व्यापारी ने पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार से मिलकर मामले की शिकायत की। जिनके आदेश के बाद नजीराबाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया।

लाजपत नगर निवासी कीर्ति रमन सचदेवा ने बताया कि वह कृष्णधाम, केशव नगर निवासी अभय शुक्ला को 10 सालों से जानते हैं। अभय ने उनकी मुलाकात सितंबर 2021 को मुंबई में अरुण शुक्ला से कराई थी। अरुण ने खुद को बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विस में डीएसए बताया था, जबकि वह व्यापारी है।
अभय ने उसकी अरुण के साथ मुंबई के एक होटल में बैठक कराई, जिसमें अरुण ने बताया कि गिरीश के पटेल ने भारत सरकार को 300 मिलियन यूएस डॉलर लोन दिया था।
इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार से रुपया वापस लेने के लिए गिरीश के पटेल ने उसे (अरुण) अधिकृत किया है। उसने सरकार द्वारा लोन की स्वीकृति संकेतक दस्तावेज भी दिखाये। अरुण ने उसे इस रुपए वापसी प्रोजेक्ट में साझेदारी का झांसा दिया और कहा कि उसकी भागीदारी उसके आर्थिक सहयोगी के रूप में होगी, जिसके बदले में वापसी राशि का एक प्रतिशत की भागीदारी उसकी रहेगी।
पीड़ित ने बताया कि अरुण पर विश्वास करके उसने हामी भर दी। जिसके बाद उसे मीटिंग में बुलाया जाने लगा और दस्तावेज भी दिए जाने लगे। इसके बाद अरुण ने उससे अपनी व्यक्तिगत समस्या निपटाने के लिए दो लाख रुपए लिए।
उधर रिकवरी प्रोसेस का समय बढ़ता रहा और अरुण उससे विभिन्न मद में रुपए लेता रहा। वह जब रुपए देने में आनाकानी करता तो अरुण उसे डर दिखाता कि अगर रुपया नहीं दिया तो प्रोजेक्ट बंद हो जायेगा।
अरुण की बातों का समर्थन अभय शुक्ला भी करता था, जिसके चलते उसने ब्याज पर रुपए लेकर अरुण को दिये। इस चक्कर में वह कर्जदार होता गया और उसे अपना एक फ्लैट गोपाल बाजपेई को ब्याज पर ली रकम चुकाने के लिए देना पड़ा। पीड़ित ने बताया कि अब वह लोग उसे न तो रुपए लौटा रहे हैं और न ही उसका फोन रिसीव कर रहे हैं। 

पुलिस कमिश्नर से शिकायत के बाद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। 

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