
संवाददाता
कानपुर। ग्रीनपार्क चौराहे से घंटाघर तक बन रही सीएम ग्रिड रोड अब निर्माण से ज्यादा अपने डिजाइन और गुणवत्ता को लेकर चर्चा में है। करीब 2.85 किमी लंबी और करीब 28 करोड़ रुपए की इस परियोजना में फुटपाथ की चौड़ाई, नाली निर्माण, सड़क की घटती चौड़ाई और यूटिलिटी शिफ्टिंग को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट में कई ऐसी खामियां सामने आईं, जिन पर स्थानीय विधायक से लेकर आम राहगीर तक नाराज नजर आए। सड़कों को चौड़ाई कम मिलीं। इसके अलावा नालियां ऐसी मिलीं कि बरसात का पानी सड़कों पर आना तय है।
ग्रीनपार्क चौराहे से आगे स्टॉक एक्सचेंज के सामने सड़क पर साफ दिखा कि फुटपाथ जरूरत से ज्यादा चौड़ा बना दिया गया है। पहले जहां पर्याप्त चौड़ी सड़क थी, वहां अब फुटपाथ और नाली ने काफी जगह घेर ली है।
नालियों की बनावट भी ऐसी दिखी कि बरसात का पानी सड़क और फुटपाथ पर भरने की आशंका है।
आर्यनगर विधानसभा से सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने भी निर्माण कार्य पर नाराजगी जताई है ।
विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा, “सीएम ग्रिड रोड को लेकर पहले से ही हमारे मन में सवाल थे। कहा गया था कि सभी यूटिलिटी शिफ्ट होंगी, लेकिन अब तक कोई अधिकारी प्रगति आख्या देने सामने नहीं आया। मौके पर आकर दिख रहा है कि सड़क की चौड़ाई घट गई है। फुटपाथ बहुत चौड़ा बना दिया गया है।
नाली ऐसी बनाई गई है कि बरसात का पानी निकल नहीं पाएगा। यह 28-30 करोड़ का प्रोजेक्ट है और इसमें घोटाला हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नई सड़क पर बिजली लाइन डालने के लिए जो पाइप डाले जा रहे हैं, उनकी लाइन भी सीधी नहीं है, जिससे आगे और दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
हडर्ड स्कूल चौराहे पर भी यही स्थिति नजर आई। यहां भी फुटपाथ की चौड़ाई इतनी बढ़ा दी गई कि सड़क संकरी हो गई। इससे ट्रैफिक दबाव बढ़ने की संभावना साफ दिख रही थी। इतना ही नहीं, सीएम ग्रिड रोड के लिए लगाए जा रहे खंभे पुरानी बनी सड़क के हिस्से में ही नजर आए, जिससे निर्माण की योजना और क्रियान्वयन दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नई सड़क के हिस्से में हालात और खराब दिखे। सड़क किनारे बिजली लाइन डालने का काम चल रहा था, जिसकी वजह से टू-वे रोड का एक हिस्सा पूरी तरह बंद था। दूसरी ओर वाहनों की लंबी कतार और भीषण जाम लगा था।
धूल इतनी उड़ रही थी कि राहगीरों को गुजरना मुश्किल हो रहा था। स्थानीय लोगों का कहना था कि निर्माण की धीमी रफ्तार और अधूरी प्लानिंग से रोजाना जाम और परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पूरे मामले पर मेयर प्रमिला पांडेय ने कहा, “विपक्ष का काम आरोप लगाना है। हम वह काम करते हैं जिससे जनता को राहत मिले। ग्रीनपार्क और हडर्ड वाले चौराहे को ठीक करा दिया गया है। कहीं कुछ गड़बड़ी होगी तो मैं खुद ठीक कराऊंगी।
उन्होंने बताया कि हडर्ड से ग्रीनपार्क चौराहे तक फूड जोन भी विकसित किया जाना है, जिससे क्षेत्र को नया स्वरूप मिलेगा।






