
संवाददाता
कानपुर। फरवरी माह में घटित हुए और नगर में चर्चित रहे लेम्बोर्गिनी केस में पुलिस ने 180 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। पुलिस ने तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को आरोपी बनाते हुए 10 गवाहों को चार्जशीट में शामिल किया है। चार्जशीट में शिवम मिश्रा के साथ घटनास्थल पर मौजूद 4 बाउंसर भी गवाह बनाए गए हैं। साथ ही घटनास्थल पर लगे 4 सीसीटीवी फुटेज को भी अहम साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी शिवम मिश्रा ने खुद को चोटिल और बीमार बताकर फरार होने की कोशिश की थी। शिवम मिश्रा की ओर से कोर्ट में ड्राइवर को पेश किया गया था। उसने दावा किया था कि घटना के समय वही लेम्बोर्गिनी कार चला रहा था।
हालांकि, पुलिस ने कोर्ट में आख्या में पेश की और बताया गया कि घटनास्थल के वीडियो फुटेज और मौके पर मौजूद लोगों के बयानों के आधार पर घटना के समय लेम्बोर्गिनी कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था। आरोपी पक्ष ने इस बात से इनकार किया था।
पकड़े जाने के बाद शिवम मिश्रा ने केस के नोटिस पर हस्ताक्षर करने से भी मना कर दिया था। इसके बाद 7 साल से कम सजा वाले अपराध होने के बावजूद पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया था। अब इस मामले में 180 पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
चार्जशीट में चमनगंज निवासी वादी तौफीक, बुलेट सवार ग्वालटोली निवासी सोनू त्रिपाठी, उनके मामा का बेटा विशाल, मौके पर मौजूद 3 दुकानदार और शिवम मिश्रा के 4 बाउंसर समेत कुल 10 गवाह शामिल हैं। इनमें वीआईपी रोड पर लेम्बोर्गिनी कार के पीछे चल रहे दो बाउंसरों और घटना के बाद ड्राइवर साइड का शीशा तोड़कर शिवम मिश्रा को कार से बाहर निकालने वाले दो अन्य बाउंसरों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बाउंसर अपने बयानों से मुकर नहीं सकते, क्योंकि उनसे नोटिस पर हस्ताक्षर कराए गए हैं। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज और वीडियो दिखाने पर बाउंसरों ने खुद की पहचान करते हुए पूरी घटना की विस्तृत जानकारी दी।
चार्जशीट में चार सीसीटीवी फुटेज को अहम साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है। पहली फुटेज में लेम्बोर्गिनी कार के साथ दो अन्य कारें वीआईपी रोड पर आगे-पीछे आती दिखाई दे रही हैं। दूसरी फुटेज में हादसे के बाद लेम्बोर्गिनी कार के पास बीएमडब्लू कार पहुंचती नजर आ रही है।
तीसरी फुटेज में बाउंसर लेम्बोर्गिनी कार का शीशा तोड़कर शिवम मिश्रा को बाहर निकालते दिखाई दे रहे हैं। वहीं चौथी फुटेज में बाउंसर शिवम मिश्रा को कंधे पर उठाकर बीएमडब्लू कार तक ले जाते हुए नजर आ रहे हैं।
कानपुर में 8 फरवरी को तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा की लेम्बोर्गिनी कार ने 6 से अधिक लोगों को टक्कर मार दी थी। कार ने एक बुलेट सवार को टक्कर मारी, तो वह हवा में उछलकर 10 फीट दूर जा गिरा। इसके बाद लेम्बोर्गिनी बुलेट के ऊपर ही चढ़ गई थी।
हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने कार को घेर लिया था। लोगों के मुताबिक, कारोबारी का बेटा कार के अंदर दुबक गया। इसके बाद उसके बाउंसरों ने लोगों के साथ हंगामा किया। धक्का देकर लोगों को भगाने का प्रयास किया। इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंची और कार को थाने ले आई।
थाने में भी कारोबारी के बाउंसरों ने पीड़ितों से अभद्रता की। इसके बाद लोगों ने थाने में जमकर हंगामा किया था। कारोबारी के बेटे और अन्य घायलों को भी प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद पुलिस गाड़ी को थाने लेकर पहुंची। भीड़ भी थाने पहुंच गई। रसूखदार और बड़े परिवार का मामला होने के चलते कार को थाने के भीतर सुरक्षित रखा गया। कार को ब्लैक कवर से ढंक दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शी सोनू त्रिपाठी ने बताया था कि मेरे मामा का बेटा विशाल और मैं बुलेट से आए थे। फिर हम लोग सड़क किनारे एक दुकान पर खड़े हो गए। विशाल बुलेट पर ही बैठा था। हम टी-शर्ट देखने लगे। तभी लेम्बोर्गिनी कार ने पहले ऑटो को टक्कर मारी। इसके बाद हमारी बुलेट को कुचल दिया। टक्कर से विशाल भी दूर जा गिरा। 2 लड़के और थे, उनको भी जोरदार टक्कर मारी। वह सड़क पर 10 फीट उछलकर दूर फुटपाथ पर जा गिरे। दोनों को अस्पताल भेजा गया है। हादसे में एक युवक के चेहरे पर चोट आई है। उनके मुंह से खून निकल रहा था। उसे भी अस्पताल भेजा गया। हमने थाने में शिकायत दी।






