
संवाददाता
कानपुर। रेलबाजार क्षेत्र में एक चमड़ा कारोबारी की इलेक्ट्रिक कार में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि घर में रखा करीब 20 लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया।
घटना के समय परिवार के 25 सदस्य घर में मौजूद थे। हालांकि पड़ोसियों की सतर्कता और समय रहते किए गए प्रयास से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मीरपुर निवासी चमड़ा कारोबारी मोहम्मद गुलजार अपनी पत्नी अर्शी और बेटियों जिकरा व फारिया के साथ एक निजी कार्यक्रम से घर लौटे थे। उन्होंने अपनी एमजी हेक्टर इलेक्ट्रिक कार घर की पार्किंग में खड़ी की और परिवार के साथ कमरे में चले गए। कुछ ही मिनट बाद अचानक कार से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते कार आग की लपटों में घिर गई।
कार में लगी आग ने बगल में खड़ी एक स्कूटी को भी अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए पास में खड़ी दूसरी इलेक्ट्रिक कार को समय रहते वहां से हटा दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
आग लगने के समय घर में परिवार के 25 सदस्य मौजूद थे। शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और घर के दरवाजे तोड़कर 65 वर्षीय अनवरी बेगम समेत बच्चों और अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। पड़ोस के तीन घरों से पाइप लगाकर करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
मोहम्मद गुलजार ने बताया कि कार का रजिस्ट्रेशन उनके भाई मोहम्मद इंतजार के नाम पर है, जबकि इस्तेमाल वे करते हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को ही कार की सर्विस कराई गई थी। घटना वाली रात कार की बैटरी करीब 80 प्रतिशत चार्ज थी। घर पहुंचने और कमरे में जाने के लगभग 10 मिनट बाद कार में आग लग गई।
गुलजार ने कहा कि राहत की बात यह रही कि आग चलती कार में नहीं लगी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद कार कंपनी के प्रतिनिधियों ने परिवार से संपर्क किया और पुलिस में एफआईआर दर्ज न कराने का अनुरोध किया। इसी वजह से मामले की सूचना पुलिस और फायर विभाग को नहीं दी गई।
थाना प्रभारी अमान सिंह ने कहा कि यदि इस संबंध में कोई तहरीर प्राप्त होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।






