• विवाद बढ़ता देख अधिकारियों के फूले हाथ-पांव; बदनामी से बचने के लिए आनन-फानन में सेलेक्टर को ‘मेरठ’ खदेड़ा।
संवाददाता
कानपुर। उत्तर प्रदेश क्रिकेट जगत से जुड़ा एक मामला उस समय चर्चा का विषय बन गया जब यूपीसीए सीनियर क्रिकेट टीम के एक सुपर सेलेक्टर पर नशे की हालत में होटल में हंगामा करने और टीम के सदस्यों के साथ ही होटल प्रबंधन से उलझने का आरोप लगा। पहले यूपीसीए के टीम प्रशासनिक प्रबन्धक से सुपर सेलेक्टर की कहा सुनी हुयी इसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया जिसपर होटल प्रबन्धन ने हस्तक्षेप करने का काम किया तो मामला होटल के कर्मचारियों और अधिकारियों तक उलझ गया।
घटना के बाद होटल प्रबंधन ने मामले की शिकायत यूपीसीए अधिकारियों तक पहुंचाई, जिसके बाद स्थिति को संभालने के लिए अधिकारियों को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा। बाद में आपसी बातचीत और समझौते के जरिए मामला शांत कराया गया।
यूपीसीए और होटल सूत्रों के अनुसार, संघ से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी और चयन प्रक्रिया से संबंधित लोग इन दिनों एक हाई परफारमेन्स शिविर के सिलसिले में शहर में मौजूद थे। इसी दौरान एक सुपर सेलेक्टर कथित तौर पर नशे की हालत में होटल की लॉबी में पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शुरुआत में शिविर के प्रशासनिक मैनेजर और फील्डिंग कोच से मामूली बातचीत के दौरान कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़ गया तो तीखी बहस शुरू हो गई जिसके बाद तीनो के बीच मारपीट तक की नौबत आ गयी। जब होटल के कर्मचारियों ने हस्तक्षेप किया तो मामला बिगडता चला गया और सुपर सेलेक्टर अपने पुराने और चिर परिचित अंदाज में सभी को गाली गलौज करने लगे।
बताया जा रहा है कि होटल कर्मचारियों ने पहले स्थिति को अपने स्तर पर संभालने का प्रयास किया, लेकिन जब मामला लगातार बढ़ने लगा और माहौल तनावपूर्ण होने लगा तो होटल प्रबंधन ने यूपीसीए के संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। शिकायत मिलने के बाद यूपीसीए के कुछ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
सूत्र बताते हैं कि अधिकारियों ने होटल प्रबंधन और संबंधित सुपर सेलेक्टर से अलग-अलग बातचीत की तथा स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश की। होटल प्रबंधन की ओर से भी अपनी आपत्तियां दर्ज कराई गईं। बताया जा रहा है कि मामले को सार्वजनिक विवाद बनने से रोकने के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत का दौर चला। चर्चा यह भी रही कि संबंधित सुपर सेलेक्टर का इससे पहले भी व्यवहार विवादों में रहा है और यह पहली बार नहीं है जब उनके आचरण को लेकर सवाल उठे हों। यूपीसीए के सूत्र बताते हैं कि संघ में मेरठ शहर के ही पूर्व सचिव के खासमखास रहे पूर्व तेज गेंदबाज जो अब सीनियर चयन समिति के मुखिया हैं वह सभी पर अपना वर्चस्व कायम रखने का काम करते आ रहे हैं।
हालांकि इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से कोई औपचारिक लिखित शिकायत पुलिस को नहीं दी गई। मामला अधिक न बढ़े और संगठन की छवि प्रभावित न हो, इसे देखते हुए यूपीसीए अधिकारियों ने संबंधित सुपर सेलेक्टर को तत्काल वापस मेरठ भेजने का निर्णय लिया। इसके बाद होटल प्रबंधन और यूपीसीए अधिकारियों के बीच आपसी सहमति बनने पर विवाद समाप्त हो गया और मामला शांत हो गया। हालांकि इस पूरे प्रकरण को लेकर यूपीसीए की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। क्रिकेट गलियारों में इस घटना की चर्चा पूरे दिन बनी रही और इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। होटल के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बीते मंगलवार की देर रात यूपीसीए के टीम प्रबन्ध न के सदस्य आपस में लड झगड रहे थे जब होटल के कर्मचारियों ने बीच बचाव करने का काम किया तो वह सभी के साथ बुरा बर्ताव करते रहे। हालांकि संघ के कुछ अधिकारियों ने आकर मामले को संभाल लिया। इस मामले में बात करने के लिए यूपीसीए के सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता से बात करने की कोशिश की गयी लेकिन उन्होंने फोन तक नही उठाया। अब निगाहें इस बात पर हैं कि संगठन इस मामले में आंतरिक स्तर पर कोई कार्रवाई करता है या नहीं।






