September 27, 2026

• स्थायी कर्मचारियों की सैलरी से कट जाते हजारों रूपए।

संवाददाता
कानपुर। नगर के जलकल विभाग में नियमों को ताख पर रख कुछ विशेष रूप से कार्य किए जा रहे हैं । जिसमें मुख्य रूप से विभाग के महाप्रबंधक के एक रसूखदार रिश्तेदार को नियमों के विरुद्ध जाकर सरकारी आवास आवंटित करने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि आउटसोर्सिंग के जरिए सुपरवाइजर पद पर तैनात इस चहेते कर्मचारी से आवास का किराया तक नहीं वसूला जा रहा है, जिससे विभाग को सीधे तौर पर आर्थिक क्षति पहुंचाई जा रही है। जबकि विभागीय आवास में रहने वाले स्थायी कर्मचारियों की सैलरी से इस मद के लिए हजारों रूपए वसूले जाते हैं।
सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, यह आउटसोर्सिंग कर्मचारी सिर्फ मुफ्त आवास का ही आनंद नहीं ले रहा, बल्कि विभाग के ठेकेदारों से मिलने वाले कमीशन में भी अपनी हिस्सेदारी तय करता है। आरोप है कि कुछ भ्रष्ट तत्वों और कथित कर्मचारी नेताओं के साथ मिलकर यह नेटवर्क विभाग के भीतर समानांतर व्यवस्था चला रहा है। विभाग के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाए रखने की भी खबरें हैं, जिससे विभाग में भय और असंतोष का माहौल व्याप्त है।

हकदार स्थायी कर्मचारी खा रहे धक्के, अपात्रों पर मेहरबानी क्यों?

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा विडंबनापूर्ण पहलू यह है कि जलकल विभाग के वे नियमित और स्थायी कर्मचारी, जो वर्षों से पूरी ईमानदारी से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, वे सरकारी आवास का प्रयोग करने के एवज में हजारों रूपए का मासिक भुगतान करते हैं या न मिलने के कारण शहर में महंगे किराए के मकानों में रहने को विवश हैं। एक तरफ जहां हकदार कर्मचारी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ बैकडोर से आए आउटसोर्सिंग कर्मचारी को बिना किराया दिए वीआईपी सुविधाएं परोसी जा रही हैं।

जलकल विभाग की इस कार्यशैली ने विभागीय पारदर्शिता पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। आखिर किस नियम के तहत एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी को सरकारी आवास दिया गया? और बिना किराया वसूले उसे यह संरक्षण कौन दे रहा है? उसके इस रसूख वाले पद के दुरूपयोग को देखते हुए कुछ कर्मचारियों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। यदि समय रहते इस मनमानी पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में यह मामला जलकल विभाग के लिए एक बड़ा प्रशासनिक संकट बन सकता है। जलकल विभाग के सचिव राम अवतार चौधरी ने इस मामले में बताया कि ये होना नहीं चाहिए अगर हुआ है तो इसकी जांच कराई जाएगी।

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