• अब उनकी राजनीति की दुकान बंद होने वाली है।

संवाददाता
कानपुर। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा है कि अब महिलाएं चुप रहने वाली नहीं हैं और विपक्ष को यह समझ लेना चाहिए कि अब उनकी राजनीति की दुकान बंद होने वाली है।
नवाबगंज स्थित दीनदयाल उपाध्याय स्कूल में ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक शामिल हुए। वहीं, भाजपा नेता अपर्णा यादव भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- सपा प्रमुख ने मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने की बात कही है। सवाल उठता है कि क्या डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण की कोई व्यवस्था है, उनसे ये सवाल पूछना चाहिए। समाजवादी पार्टी केवल तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है।
वहीं, अपर्णा यादव ने कहा- यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि संसद में महिलाओं से जुड़े बिल का विपक्ष द्वारा विरोध किया जा रहा है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ऐसे प्रयासों का समर्थन होना चाहिए।कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, अधिकारों और समाज में उनकी भागीदारी को लेकर भी चर्चा की गई। बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।
मंच से डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा- जब महिला आरक्षण बिल पास कराने की बात आई थी, तब कांग्रेस के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी ने इसका विरोध किया था और सदन में बिल की प्रतियां तक फाड़ दी थी।
आज वही विपक्ष महिला आरक्षण बिल पर सवाल खड़े कर रहा है। सपा प्रमुख द्वारा मुस्लिम महिलाओं को अलग से आरक्षण देने की बात पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा- डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण देने की कोई व्यवस्था है या नहीं, यह उनसे पूछा जाना चाहिए।
डिप्टी सीएम ने आरोप लगाया कि मुस्लिम महिलाओं को अब तक गुमराह किया गया है। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा- जो लोग आज बिल पर सवाल उठा रहे हैं, उनसे पूछा जाना चाहिए कि आजादी के इतने साल बाद भी महिलाओं को उनका अधिकार क्यों नहीं मिला।
उन्होंने कहा- अब महिलाएं चुप रहने वाली नहीं हैं और विपक्ष को यह समझ लेना चाहिए कि अब उनकी राजनीति की दुकान बंद होने वाली है। केंद्र और राज्य सरकार ने तीन तलाक कानून लागू कर मुस्लिम महिलाओं को अधिकार दिलाने का काम किया है। अब वह दौर नहीं रहा, जब छोटी-छोटी बातों पर तलाक दे दिया जाता था। अब ऐसा नहीं हो सकता।
बीजेपी नेता अपर्णा यादव ने महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री का धन्यवाद करती हैं, जिन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना कोई एहसान नहीं, बल्कि उनका अधिकार है। अपर्णा ने कहा कि दशकों पहले इसी मांग को लेकर महिलाओं को लोकसभा के बाहर रोका गया और उनके साथ धक्का-मुक्की तक की गई थी, जबकि आज वही विपक्ष संसद के अंदर भी इस बिल का विरोध कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यह बिल देश की हर महिला को सशक्त बनाने का काम करेगा, लेकिन विपक्ष की नकारात्मक सोच इसमें साफ दिखाई दे रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी धर्म विशेष के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता, इस विषय को गृहमंत्री द्वारा सदन में विस्तार से स्पष्ट किया जा चुका है।






