April 22, 2026

संवाददाता 
कानपुर।
  महिला आरक्षण बिल पास न होने के विरोध में शनिवार को फतेहपुर से सपा सांसद नरेश उत्तम के कानपुर में दामोदर नगर बर्रा स्थित आवास पर भाजपा कार्यकर्ताओ ने विरोध प्रदर्शन किया था।

इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा सांसद ने कहा कि मेरे आवास में हमला हुआ, जिसमें लोकतंत्र कमजोर हुआ है। अगर पुलिस रोकती तो वह लोग बर्रा चौराहे से आगे नहीं आ पाते। बिना किसी सूचना के वह आ गए।

यह हमला व अराजकता है। यह अराजकता भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार ने की है। राहुल गांधी व सपा कार्यालय में हमला हुआ, झंडे जलाए गए। हम महिलाओं के आरक्षण के समर्थक हैं। सांसद ने कहा कि निजी आवास में हुए हमले के मुद्दे को लोकसभा में उठाएंगे। दिसंबर 2025 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने की बात लोकसभा में उठाई थी। उसी का परिणाम है कि मेरे घर पर हमला हुआ।
सपा सासंद नरेश उत्तम ने कहा कि 18 अप्रैल को मेरे घर पर कुछ अराजकतत्व, गुंडे किस्म के लोग पुलिस के संरक्षण में हमारे दामोदर नगर स्थित निजी आवास में आए। मेरे आ‌वास के पास लगी बाबा साहेब आंबेडकर, सरदार पटेल, डॉ. लोहिया, मुलायम सिंह और परशुराम की फोटो वाली होर्डिंग को फाड़ डाला। इसके बाद मेरी नेम प्लेट पर जूता चप्पल मारी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
मेरी पत्नी विजय लक्ष्मी उत्तम ने कहा सांसद जी यहां नहीं हैं। जब वह आए तब आना। वह लोग डिंपल यादव, अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मेरी पत्नी ने भी कहा कि तुम्हारी दोनों सरकारें मुर्दाबाद। भारतीय जनता पार्टी मुर्दाबाद और तुम्हारा यह कृत्य मुर्दाबाद। इसके बाद पुलिस को लगा कि लगातार उत्तर आ रहा है और यदि सपा कार्यकर्ता मौके पर आ गए तो स्थिति दूसरी हो जाएगी। तब उनको वहां से हटा दिया।
यह बात मुझे तब पता चली जब शनिवार को मैं लोकसभा से निकला। उसी समय मेरे साथ सपा पार्षद अर्पित यादव ने मुझसे कहा कि आपके आवास पर इस तरह की घटना हो रही है। मैंने पूछा कौन कर रहा है। तब बताया कि पुलिस की मौजूदगी में सपा के कुछ कार्यकर्ता आए हैं। मैं पूछता हूं कि मैंने ऐसा कौन सा कृत्य कर दिया कि मेरे घर पर मेरी नेम प्लेट पर जूते चप्पल चलेंगे और हंगामा होगा।
रविवार सुबह मेरे कानपुर लौटने पर करीब एक हजार आक्रोशित कार्यकर्ता मेरे पास आया। मैंने कहा जैसे वह हैं वैसे हम नहीं है। हम भारत के संविधान के समर्थक व लोकतंत्र के रक्षक हैं। हमारी लड़ाई तो दिल्ली में है। हम बेरोजगारी, किसान, मजदूर, नौजवान और भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ रहे हैं।
सांसद ने बताया कि दिसंबर 2025 में मैंने 2023 में लोकसभा में पास किए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने की बात कही थी। राष्ट्रपति के दस्तखत के बाद वह कानून बन गया है। बिना परसीमन के लागू करो। भाजपा को समझ में आया कि यह मुद्दा तो हमारे उल्टा चला जाएगा। हमारा जनाधार खिसक सकता है। 17 अप्रैल को लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक लाया गया। तब सभी दलों ने कहा कि इस पर चर्चा होनी चाहिए। वह विधेयक रखा और एनडीए गठबंधन पराजित हो गया। यह प्रायोजित इनका नाटक था।
तमिलनाडु, केरल व बंगाल में चुनाव हो रहा है। इनको केवल संदेश देना है कि हम महिला हितैषी है। कहा महिलाओं का विरोध कर रहे हैं। हम कह रहे हैं कि चुनाव हो रहे है। महिला आरक्षण लागू करो। इनको आरक्षण देना नहीं है बल्कि नाटक करना है। 

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