May 15, 2026

संवाददाता

कानपुर। मेस्टन रोड पर 79 साल पुरानी स्वतंत्रता दिवस की परंपरा आज भी जीवंत है। सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रात 12 बजे तिरंगा फहराया और भारत माता के जयकारों से पूरा इलाका गुंजायमान हो उठा।
कानपुर का इतिहास स्वतंत्रता संग्राम में विशेष रहा है। यह संयुक्त प्रांत का एकमात्र शहर था, जहां क्रांतिकारी अपनी गतिविधियों की रणनीति बनाते थे। 1947 में जब 14 अगस्त को पाकिस्तान का स्वाधीनता दिवस तय हुआ, तब भारत के लिए 15 अगस्त का दिन निर्धारित किया गया।
कानपुर देश का पहला शहर है , जिसने सबसे पहले आजादी का जश्न मनाया था यह परंपरा आज तक निरंतर चली आ रही है। मेस्टन रोड स्थित बीच वाला मंदिर के पास झंडा फहराकर कांग्रेसियों में भारत माता जय के नारे लगाए इसके साथ ही आसपास के सैड़कों लोग भी इस इस उत्साह में शामिल हुए।
इसके बाद यहां चौक सर्राफा में कवि सम्मेलन और देशभक्ति गीतों पर बच्चे नृत्य का आयोजन देर रात तक करते रहे । परंपरा के अनुसार आधी रात को तिरंगा फहराने का काम कांग्रेस के अध्यक्ष ने किया। पुराने कांग्रेसियों ने यहां पर मंच पर क्रांतिवीरों को याद करते हुए उनकी गाथा सुनाई। 

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