
संवाददाता
कानपुर। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने 3 प्रकोष्ठों में प्रभारियों की नियुक्ति की है। शहर यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ने इसका विरोध किया। उनका कहना है कि महानगर अध्यक्ष को यह अधिकार नहीं है। इसकी शिकायत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से की जाएगी। जानकारी प्रदेश अध्यक्ष को दे दी गई है।
वहीं महानगर अध्यक्ष का कहना है कि निर्देश के बाद ही प्रभारियों की नियुक्ति की गई है।
16 अप्रैल को कांग्रेस महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने शहर के कांग्रेस कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित कर 3 प्रकोष्ठ अल्पसंख्यक, युवा मोर्चा और व्यापार मंडल के प्रभारी नियुक्त किए। अध्यक्ष पवन गुप्ता ने अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ से फहद अब्बासी, यूथ कांग्रेस से देव राय और व्यापार मंडल प्रकोष्ठ से अजय त्रिपाठी को प्रभारी बनाया। उन्हें कार्यालय में प्रमाण पत्र भी दे दिए गए।
यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अब्दुल मामूद ने कहा- बिना किसी सूचना के उनके ऊपर प्रभारी नियुक्त कर दिया गया, जो गलत है। उन्होंने कहा कि जिन्हें प्रभारी बनाया गया है, उनकी संगठन में क्या भूमिका है, यह भी स्पष्ट नहीं है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसकी अनुमति से यह नियुक्ति की गई। उन्होंने कहा कि पवन गुप्ता पहले बसपा में थे, उन्हें वहां की कार्यशैली भूलनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पवन गुप्ता अपनी गलती स्वीकार करके माफी मांगें।
अब्दुल मामूद ने बताया कि 17 अप्रैल को उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को फोन कर इसकी जानकारी दी है और शिकायत भी की है। उनके अनुसार प्रदेश अध्यक्ष को भी इस नियुक्ति की जानकारी नहीं थी।
उन्होंने कहा- यदि इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक शिकायत करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूथ कांग्रेस में प्रभारी नियुक्त करने का अधिकार प्रदेश या राष्ट्रीय नेतृत्व को है, न कि डीसीसी को। उन्होंने कहा कि उनकी नजर में यह नियुक्ति मान्य नहीं है, इसलिए किसी को हटाने का सवाल ही नहीं उठता।
संगठन में प्रभारी संबंधित प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों के कार्य और उनकी सक्रियता की रिपोर्ट तैयार कर उच्च पदाधिकारियों को सौंपते हैं। इसी आधार पर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन किया जाता है।
इस पर पवन गुप्ता ने कहा- उन्हें पार्टी नेतृत्व से निर्देश मिले थे कि प्रभारियों की नियुक्ति की जाए। यदि नियुक्ति नहीं की जाती तो आगे के कार्यक्रम प्रभावित होते। उन्होंने केवल तीन प्रकोष्ठों में प्रभारी बनाए हैं, जिनका काम संबंधित पदाधिकारियों के कार्यों की समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार करना होगा।
निष्क्रिय पदाधिकारियों की रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को भेजी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों का पालन किया है और किसी अन्य प्रकोष्ठ के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं किया है।






