
संवाददाता।
कानपुर। नगर के अलग-अलग इलाकों में गंदगी के ढेर देख नगर आयुक्त शिव शरणप्पा का पारा चढ़ गया। सबक सिखाने के लिए उन्होंने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई कर डाली। दो स्वच्छता निरीक्षकों और सात सफाई नायकों समेत 40 कर्मियों का एक-एक दिन का वेतन रोक दिया। वहीं नगर स्वास्थ्य अधिकारी चंद्रशेखर और जोनल स्वच्छता अधिकारी जोन चार श्रीराम चौरसिया को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। सोमवार की सुबह 7 बजे ही नगर आयुक्त शहर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने निकले थे। बेनाझाबर रोड, खलासी लाइन, ग्वालटोली, एफएम कॉलोनी, सूटरगंज, कम्पनी बाग चौराहा, माता स्वरूप रानी मार्ग, आर्य नगर चौराहा व आस-पास, अमर जवान चौक अशोक नगर, मोतीझील एवं आर्य नगर में परशुराम वाटिका के पास स्थित कूड़ाघर में कूड़ा बिखरा पड़ा पाया गया। मुख्य मार्गों पर झाड़ू नहीं लग रही है। कूड़े का उठान नहीं हो पा रहा था। नगर आयुक्त ने कहा कि ऐसी स्थिति से स्पष्ट है कि स्वच्छता निरीक्षकों और सफाई नायकों द्वारा पर्यवेक्षणीय दायित्वों का निर्वहन नहीं किया जा रहा है। कई बार निर्देशों के बाद भी शिथिलता बरती गई। नगर आयुक्त ने बताया कि मुख्य मार्गों पर देर से सफाई प्रारंभ हो रही है, इसके चलते आवागमन के कारण दिक्कत होती है। दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसीलिए निर्देशित किया गया था कि सुबह 7 बजे तक ही सफाई हो जाए। लिहाजा 40 कर्मियों का वेतन अग्रिम आदेशों तक के लिए रोका गया।नगर आयुक्त ने सभी अपर नगर आयुक्तों को निर्देश दिया कि अपने-अपने आवंटित जोन में सुबह 7 बजे नियमित भ्रमण करें। समुचित सफाई व्यवस्था एवं कूड़े का उठान सुनिश्चित कराएं। जूम मीटिंग में प्रतिभाग करें। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संध्या रानी और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय कुमार संखवार को भी सुबह सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए कहा। स्पष्ट कहा कि अगर आगे भी शिथिलता जारी रही तो इससे भी बड़ी कार्रवाई होगी। स्वच्छता निरीक्षक मो. फहीम सिद्दीकी, सच्चिदानन्द, सफाई नायक मो. आरिफ, अशोक, पप्पू, मदन, राजकुमार, मुन्ना, नन्द कुमार, सफाई कर्मचारी बब्लू, राजू, महेश, विनय, गीता, राजेन्द्र, ठाकुर, संजय, राजकुमार, रंजीता, श्रीमती अंशू, कुलदीप, अंशू पुत्र प्रेम, कमला, राजू पुत्र नत्थू, श्याम सिंह का वेतन रोका गया। इसके अलावा गीता पत्नी काली प्रसाद, सन्तोष, विशाल, वीरेन्द्र, रजनी, सरवन, माया, मनीषा, मुन्नी, प्रेमचन्द्र, शाहरूख, सन्तोष पुत्र छोटेलाल, मुन्नी पत्नी द्वारिका प्रसाद, सुरेश, पूजा, राहुल, सन्तराम, नेहा, सुनील, मीना, सावित्री, काजल, गुलशन एवं श्रीमती गुड्डो का एक-एक दिन का वेतन रोका गया।










