
संवाददाता।
कानपुर। नगर के लाला लाजपत राय चिकित्सालय कानपुर (हैलट) को नेत्र रोगों से संबंधित एक करोड़ रुपये की दस मशीनें दान में दी गयी है। राधा मोहन पुरुषोत्तम दास ज्वेल्स प्राइवेट लिमिटेड के सीएसआर फंड से यह योगदान दिया गया। इसके माध्यम से अब अस्पताल में कार्निया का जटिल ऑपरेशन भी संभव हो सकेगा, जो कि उत्तर प्रदेश में अभी तक कही भी उपलब्ध नहीं हैं। इस फंड से शल्य कक्ष व आई बैंक का नवीनीकरण किया गया। इसके अलावा ऑपरेशन थिएटर में उपयोग किये जाने वाले आधुनिक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए। नेत्र रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शालनी मोहन ने बताया कि एएलटीके मशीन से कार्निया प्रत्यारोपण सर्जरी आसानी से की जा सकेगी। अभी तक कार्निया का जटिल ऑपरेशन करने के लिए मरीज को बाहर के लिए रेफर करना पड़ता था, लेकिन अब कार्निया को कई भागों में विभाजित करके उसके प्रभावित हिस्सों में मशीन का प्रयोग कर ऑपरेशन कर सकते हैं। साथ ही तापमान नियंत्रण रेफ्रिजरेटर से कार्निया के संरक्षण की गुणवत्ता भी बनी रहेगी। ऑपरेशन में प्रयोग होने वाली आधुनिक आटोक्लेव मशीन, ईटीओ मशीन के अलावा ऑटोरेफ्रेक्टर मशीन, नॉन कॉटेक्ट टेनोमेट्री मशीन भी आई हैं। डॉ. शालनी मोहन ने बताया कि एनसीटी मशीन की मदद से हम लोग बिना कार्निया के छुए आंख के प्रेशर की जांच कर सकेंगे। इससे मरीजों में संक्रमण का खतरा भी कम होगा और उन्हें असुविधा भी नहीं होगी। ऑटोरेफ्रेक्टर मशीन के द्वारा कम समय में मरीजों के चश्में की जांच कंप्यूटर द्वारा कर ली जाएगी। नवीन ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोपी, सर्जीकल उपकरण से आंखों के ऑपरेशन में बहुत सुविधाएं मिलेंगी। कंपनी के निदेशक अमरनाथ अग्रवाल, शशि अग्रवाल, प्रधानाचार्य डॉ. संजय काला, विभागाध्यक्ष डॉ. शालिनी मोहन, डॉ. पारुल सिंह, डॉ. प्रीति गुप्ता, डॉ. नम्रता पटेल, डॉ. कंचन सिंह, डॉ. स्नेहा रंजन ने नवीन ऑपरेशन थिएटर का उद्घाटन किया गया। डॉ. काला ने कहा कि इन मशीनों से हजारों मरीज लाभांवित होंगे। अभी तक मरीजों को कार्निया के जटिल ऑपरेशन के लिए दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब उनका हैलट अस्पताल में निशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा।










