
संवाददाता।
कानपुर। नगर मे आए दिन छेड़खानी से तंग आकर युवती के आत्महत्या करने के मामले में एडीजे आठ की कोर्ट ने आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए सात साल की सजा सुनाई। वर्ष 2015 में सचेंडी थाना क्षेत्र निवासी युवती संग दोषी ने छेड़छाड़ की थी। पीड़ित परिजनों के शिकायत करने पर युवक ने परिजनों संग पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। सचेंडी थानाक्षेत्र निवासी युवक ने बताया कि 27 जुलाई 2015 को उनकी 18 वर्षीय बहन शाम काम से घर से बाहर गई हुई थी। इस दौरान गांव निवासी अनूप ने उसकी बहन के साथ छेड़छाड़ की। वापस आई पीड़िता ने परिजनों से आपबीती बयां की। विरोध करने पर आरोपी ने परिजनों संग लाठी-डंडे से लैस होकर पीड़ित परिवार के घर आ धमके और जान से मारने की धमकी दी। जिससे युवती बुरी तरह से आहत हो गई। पीड़ित युवक ने बताया कि घटना के बाद वह लोग खेत में काम करने चले गए थे। इस दौरान उसकी बहन ने चौखट में दुपट्टे का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घर पहुंचने पर परिजनों को घटना की जानकारी हुई। परिजनों ने अनूप व उसके परिजनों के खिलाफ सचेंडी थाने में आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामला एडीजे आठ राम अवतार प्रसाद की कोर्ट में विचाराधीन था। एडीजीसी अरविंद ढिमरी ने बताया कि पुलिस ने अनूप के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में पांच गवाह पेश किए गए थे। कोर्ट ने अनूप को दोषी मानते हुए सात साल की सजा व 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया।










