March 5, 2026

कानपुर। नगर में बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य प्रकाश शर्मा ने आखिरकार गुरुवार दोपहर नामांकन न करने की घोषणा की है । हालांकि उन्होंने इस मौके पर आयोजित पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि कानपुर में बीजेपी प्रत्याशी रमेश अवस्थी को टिकट देने में अनियमिता की गई है और नेतृत्व को इसकी जांच करनी चाहिए। रमेश अवस्थी को प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर दोबारा विचार करने के लिए प्रकाश शर्मा ने कुछ दिन पूर्व ही पीएम नरेंद्र मोदी को एक खत भी लिखा था। नगर की लोकसभा सीट के लिए बाहरी उम्मीदवार का विरोध अब प्रदेश स्तर तक पहुंच गया है प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के भीतर मचे घमासान को रोकने के लिए अपनी ओर से पहल भी शुरु कर दी है। इसका नतीजा भी सकारात्मक हो चला जब प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रकाश शर्मा ने निर्दलीय रूप से उम्मीदवारी को विराम दे दिया। उनके एक पत्र ने जो सियासी चक्रवात खड़ा किया था, वह नामांकन के आखिरी दिन ठंडा पड़ गया। गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में भाजपा नेता प्रकाश शर्मा ने कार्यकर्ताओं के मन की बात भी रखी।. उन्होंने कहा कि पहले कार्यकर्ता की चिंता होती थी लेकिन पार्टी अपने मूल भूत उददेश्य  से भटकती दिखायी दे रही है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी ही परिस्थिति रही तो कार्यकर्ता भी सोचेगा कि वह फिल्म लाइन में सक्रिय होकर कभी भी राजनीति में लॉन्च हो जाए, लेनदेन के व्यापार में लग जाए या फिर बड़ा क्रिकेटर बनकर फिर राजनीति में लॉन्च हो जाए।. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी भी पहले चाय की दुकान चलाते थे और कार्यकर्ता से पीएम का सफर तय किया है, जो सिर्फ भाजपा में ही हो सकता है, लेकिन आज कार्यकर्ता के मन में चिंता है कि वह कार्यकर्ता बनने के बाद उसका क्या होगा।. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता बस यह जानना चाहता है कि प्रत्याशी चयन का मानक क्या है।. टिकट वितरण को अनियमितता को लेकर जब सवाल पूछे गए तो उन्होंने कहा कि यह किसी प्रकार की भी हो सकती है।. इस दौरान उन्होंने कहा कि 28 अप्रैल को गृहमंत्री अमित शाह कानपुर आ रहे हैं. अगर वह बुलाते हैं तो उनके सामने भी वह अपनी बात रखेंगे।बतातें चलें कि . 19 अप्रैल से शुरू हुए इस सियासी चक्रवात ने बुधवार को उस समय और रफ्तार पकड़ ली थी  जब प्रकाश शर्मा ने नामांकन फॉर्म तक खरीद लिया और आखिरी दिन नामांकन दाखिल करने की औपचारिक घोषणा कर डाली थी। इस सियासी चक्रवात के नुकसान भांपकर संघ से लेकर भाजपा का आलाकमान सक्रिय हुआ,। सक्रियता में वह लोग भी आए जो प्रकाश शर्मा के बजरंग दल के समय से साथी रहे हैं।. नामांकन कराने से पैर पीछे खींचने वाले प्रकाश शर्मा ने हालांकि कार्यकर्ताओं के कई मनोभाव उठाकर पार्टी के सामने कई ज्वलंत सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रकाश शर्मा को समझाने में संघ से लेकर भाजपा के नेता लग गए।. देर रात तक प्रकाश शर्मा के साथ संघ के प्रांत प्रचारक श्री राम, प्रांत संघ चालक भवानी भीख, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, दक्षिण जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह के बीच लंबी बैठक चली. इस बीच प्रकाश शर्मा के पास भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह का भी फोन आया।. प्रकाश शर्मा का कहना है कि. प्रदेश अध्यक्ष ने जल्द इस मुद्दे पर बात करके समस्याआ के निराकरण कराने का वादा किया है।. इसके अलावा भाजपा नेता विनय कटियार, चंपत राय, रामाशीष जी समेत अन्य लोग भी सक्रिय हुए और प्रकाश शर्मा से लगातार बातचीत करते रहे।. इसके बाद गुरूवार दोपहर को प्रकाश शर्मा ने अपने विश्वस्त चेहरों के साथ बैठक की, जिसमें निर्णय हुआ कि अब प्रकाश शर्मा अपना नामांकन फॉर्म दाखिल नहीं करेंगे।. इसी के साथ वह सियासी चक्रवात भी थम गया, जो कम से कम भाजपा के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता था।

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