May 14, 2026

संवाददाता
कानपुर।  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत एक प्रमुख सामाजिक सुरक्षा संस्था है, जो कर्मचारियों को भविष्य निधि, पेंशन तथा बीमा जैसी सुविधाएँ प्रदान करती है। समय के साथ ईपीएफओ ने अपनी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल एवं डिजिटल बनाने के लिए अनेक पहलें की हैं।


संगठन की इन्हीं सदस्य-केंद्रित पहलों में से एक महत्वपूर्ण पहल है — “प्रयास”।
इस योजना का उद्देश्य कर्मचारी पेंशन योजना-1995  के अंतर्गत पात्र कर्मचारियों को उनकी सेवानिवृत्ति के दिन ही पेंशन पेमेंट आर्डर उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें पेंशन प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा न करनी पड़े और वे सम्मानपूर्वक एवं वित्तीय सुरक्षा के साथ अपने सेवानिवृत्ति जीवन की शुरुआत कर सकें।
पहले की व्यवस्था में कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन प्राप्त करने हेतु अनेक दस्तावेजों के साथ कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई बार पेंशन स्वीकृति में विलंब होने के कारण कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
इसी समस्या के समाधान हेतु ईपीएफओ ने “प्रयास” पहल प्रारंभ की, जिसके माध्यम से सेवानिवृत्ति की तिथि पर ही पेंशन भुगतान आदेश जारी करने की व्यवस्था बनाई गई।
यह पहल केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक संवेदनशील और मानवीय प्रयास है।
इससे वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, आश्रित परिवारों तथा अन्य संवेदनशील वर्गों को समय पर पेंशन सुनिश्चित होती है।
“प्रयास” के अंतर्गत  ईपीएफओ में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की पहचान पूर्व में ही कर ली जाती है तथा संबंधित नियोक्ताओं एवं कर्मचारियों से समन्वय स्थापित किया जाता है। इसके लिए कर्मचारियों को कुछ महत्वपूर्ण कार्य समय से पहले पूर्ण करने होते हैं जैसे यूएएन पोर्टल पर केवाईसी अपडेट करना, ई-नॉमिनेशन भरना, परिवार विवरण अपडेट करना, बैंक खाते एवं आधार का सत्यापन करना, पेंशन दावा प्रपत्र समय से भरना।
जब कर्मचारी 58 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले होते हैं, तब नियोक्ता की जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित कर्मचारी के लंबित ट्रांसफर, सुधार एवं अन्य विवरण समय से अपडेट कराए। साथ ही जिस माह कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहा हो, उस माह का पीएफ एवं पेंशन अंशदान समय से जमा करते हुए संबंधित इलेक्ट्रॉनिक  चालान कम रिटर्न  निर्धारित समय के भीतर दाखिल करे।
नियोक्ता द्वारा आवश्यक दस्तावेजों सहित पेंशन दावा ईपीएफओ कार्यालय को अग्रेषित किया जाता है, जिसके बाद ईपीएफओ कार्यालय द्वारा दावों की जांच कर सेवानिवृत्ति के दिन ही पीपीओ जारी करने की प्रक्रिया पूर्ण की जाती है।
“प्रयास” की सफलता में नियोक्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि नियोक्ता समय से कर्मचारी के रिकॉर्ड अपडेट कर दें, लंबित ट्रांसफर पूर्ण करा दें तथा समय से पेंशन दावे प्रस्तुत करें, तो कर्मचारियों को बिना किसी बाधा के पेंशन भुगतान आदेश उपलब्ध कराया जा सकता है।
ईपीएफओ द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों में जागरूकता शिविर एवं सहायता कैंप भी आयोजित किए जाते हैं। जिन संस्थानों में अधिक संख्या में कर्मचारी सेवानिवृत्त होते हैं, वहां नियोक्ता के अनुरोध पर ईपीएफओ की टीम जाकर कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दिन ही पीपीओ सौंपती है। यह कर्मचारियों के लिए न केवल सुविधाजनक बल्कि अत्यंत सम्मानजनक अनुभव होता है।
डिजिटल सुविधाओं से प्रक्रिया हुई आसान
ईपीएफओ ने ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से पेंशन प्रक्रिया को काफी सरल बना दिया है।
अब अधिकांश प्रक्रियाएँ डिजिटल माध्यम से पूरी हो रही हैं, जिससे कर्मचारियों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते। ऑनलाइन क्लेम, ई-नॉमिनेशन, डिजिटल केवाईसी तथा जीवन प्रमाण पत्र जैसी सुविधाओं ने पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाया है।
आज आवश्यकता केवल जागरूकता बढ़ाने की है, ताकि अधिक से अधिक कर्मचारी समय रहते अपने विवरण अपडेट करें और “प्रयास” पहल का लाभ उठा सकें।
उत्तर प्रदेश जोन में “प्रयास” की बड़ी उपलब्धि
ईपीएफओ उत्तर प्रदेश जोन के अंतर्गत आने वाले 10 क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में “प्रयास” पहल के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पूरे वित्तीय वर्ष में कुल 1910 पीपीओ  सेवानिवृत्ति के दिन ही जारी किए गए, जो इस पहल की बढ़ती सफलता एवं जागरूकता को दर्शाता है।
इसी प्रकार अन्य क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा भी लगातार इस पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है।
जोनल कार्यालय कानपुर ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों से इस सदस्य-केंद्रित पहल का लाभ उठाने की अपील की है और पेंशन, पीएफ, यूएएन अथवा “प्रयास” से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान हेतु संबंधित भविष्य निधि कार्यालय के जनसंपर्क अनुभाग से संपर्क किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *