May 14, 2026

संवाददाता 
कानपुर। 
कल्याणपुर के पनकी रोड स्थित जीवन ज्योति अस्पताल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ था। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ पर गलत ब्लड चढ़ाने और इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। करीब 18 घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
मामले में परिजनों की तहरीर के आधार पर अस्पताल संचालक, डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं एसीएमओ की टीम भी देर शाम हॉस्पिटल पहुंची और बिना रजिस्ट्रेशन के हॉस्पिटल संचालित करने पर नोटिस देकर तीन दिन में जवाब मांगा है।
कन्नौज के सौरिख थाना क्षेत्र के गड़िया निजामपुर निवासी हरिओम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके भाई गौरव सिंह को पाइल्स की बीमारी थी। 9 मई को उनको  इलाज के लिए कल्याणपुर स्थित जीवन ज्योति अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
परिजनों के अनुसार, इलाज के दौरान डॉ. विक्रम सिंह ने मरीज को एक यूनिट ब्लड चढ़ाया। दो यूनिट ब्लड अगले दिन के लिए रखा गया था। आरोप है कि 10 मई को जब दोबारा ब्लड चढ़ाया जा रहा था, उसी दौरान मरीज की हालत अचानक बिगड़ गई।
परिजनों ने आरोप लगाया कि हालत बिगड़ने पर मरीज को आईसीयू में भर्ती करने के लिए 50 हजार रुपये जमा करने की मांग की गई। जब परिजनों ने केवल 10 हजार रुपये देने की बात कही तो अस्पताल स्टाफ ने अभद्र व्यवहार किया और मरीज को ले जाने तक की बात कह दी गई। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई और 11 मई की सुबह डॉक्टरों ने गौरव सिंह को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गलत और संक्रमित ब्लड चढ़ाने के साथ-साथ पैसे वसूलने की नीयत से लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जीवन ज्योति अस्पताल के डॉ. विक्रम सिंह, अस्पताल संचालक और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
कल्याणपुर में बवाल के बाद एसीएमओ की टीम मौके पर पहुंची और हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हॉस्पिटल संचालक हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन नहीं दिखा पाए। जिसके बाद हॉस्पिटल संचालक विक्रम तोमर को नोटिस देते हुए तीन दिन में जवाब माँगा गया है। नोटिस का जवाब ना मिलने पर हॉस्पिटल को सील किया जाएगा।
डीसीपी पश्चिम ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।