• लापरवाही पर दो दरोगा हुए निलंबित।

संवाददाता
कानपुर। बर्रा में पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया शातिर लुटेरा इलाज के लिए हैलट अस्पताल लाया गया था। हैलट अस्पताल से फरार होने के बाद महज एक घंटे के भीतर वो फिर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वह बचने के लिए जिस दोस्त के घर पहुंचा, वही क्राइम ब्रांच का मुखबिर निकला। दोस्त की सूचना पर पुलिस ने उसे ग्वालटोली से दोबारा गिरफ्तार कर लिया।
लूट का आरोपी मुन्ना खान पुलिस को चकमा देकर हैलट अस्पताल से भाग निकला था । वह लड़खड़ाते हुए गेट नंबर-2 से बाहर निकला, सड़क पार करके ऑटो में बैठा और ग्वालटोली स्थित अपने दोस्त के घर पहुंच गया।
आरोपी ने दोस्त से खुद को बचाने की गुहार लगाई, लेकिन उसके पैरों में बंधी पट्टी देखकर दोस्त को शक हुआ। उसने तुरंत क्राइम ब्रांच को सूचना दे दी, जिसके बाद सुबह 11:35 बजे पुलिस ने उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया।
खाड़ेपुर निवासी मोहित निषाद से बर्रा बाईपास के पास दो बदमाशों ने तमंचे के बल पर बाइक, मोबाइल और 5 हजार रुपये लूट लिए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
एडीसीपी साउथ योगेश कुमार के अनुसार, गुरुवार रात फत्तेपुर चौराहे पर चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो संदिग्धों को रोका गया। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी मुन्ना खान के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी साजिद मौके से फरार हो गया।
घायल मुन्ना को इलाज के लिए हैलट अस्पताल के माइनर ओटी वार्ड में भर्ती कराया गया था। उसकी सुरक्षा में चार दरोगा- रूप किशोर, राकेश यादव, रोहित कुमार और दुर्गेश प्रताप सिंह तैनात थे।
इसके बावजूद आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया, जो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
घटना के बाद पुलिस विभाग ने लापरवाही बरतने पर दरोगा दुर्गेश प्रताप सिंह और रोहित कुमार को निलंबित कर दिया है।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है, साथ ही फरार साथी की तलाश जारी है।






