March 29, 2026

संवाददाता 

कानपुर। आईआईटी कानपुर, परिसर में क्रिटिकल  इंफ्रास्ट्रक्चर  अटैक  सरफेसस एंड मीटिंगशन एप्रोचेस  विषय पर एक उच्च-प्रभावी एक दिवसीय मंथन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया । 

इस कार्यशाला में वरिष्ठ साइबर सुरक्षा पेशेवरों, उद्योग जगत के नेताओं, नियामकों और शिक्षाविदों ने भाग लिया, जिन्होंने भारत की महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं पर उभरते खतरों पर विचार-विमर्श किया और व्यावहारिक तथा लागू किए जा सकने वाले समाधान सुझाए।

कार्यशाला का शुभारंभ उद्घाटन सत्र से हुआ, जिसे आईआईटी कानपुर के निदेशक, प्रो. मणींद्र अग्रवाल, ने संबोधित किया। उन्होंने महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं को निशाना बनाने वाले साइबर खतरों की बढ़ती जटिलता पर प्रकाश डाला और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सक्रिय, सहयोगात्मक और अनुसंधान-आधारित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल, निदेशक, आईआईटी कानपुर ने कहा कि जैसे-जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रणालियां आपस में जुड़ती जा रही हैं, वैसे-वैसे मजबूत, अनुकूलनीय और इंटेलिजेंस-आधारित साइबर सुरक्षा तंत्र की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। साइबर सुरक्षा में एआई का बढ़ता समावेश नए खतरों के क्षेत्रों को खोल रहा है, और ऐसे खतरों को समझने एवं उनके बचने के लिए नई तकनीकें विकसित की जानी चाहिए। इस तरह के मंच इन उभरती चुनौतियों से सामूहिक रूप से निपटने के लिए शिक्षा जगत, उद्योग और सरकार को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आज की चर्चाओं से निकलने वाले निष्कर्ष और सिफारिशें आने वाले वर्षों में हमारी सामूहिक साइबर सुरक्षा क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ करेंगी।

इस सत्र में प्रो. सोमित्रा के. सनाध्य, प्रोग्राम डायरेक्टर, सी3आईहब और डॉ. तनिमा हाजरा, सीईओ, सी 3आईहब  ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने साइबर सुरक्षा अनुसंधान और नवाचार को सशक्त बनाने में हब की भूमिका को रेखांकित किया।

कार्यशाला में विशेषज्ञ व्याख्यानों की एक श्रृंखला और चार केंद्रित पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं, जिनमें महत्वपूर्ण अवसंरचना की साइबर सुरक्षा के प्रमुख पहलुओं पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम का समापन एक इंटरैक्टिव मंथन सत्र के साथ हुआ, जिसमें भविष्य के लिए अधिक रेजिलिएंस और एजिलिटी की दिशा में रोडमैप तैयार करने पर चर्चा की गई। इसके अलावा प्रतिभागियों के लिए लैब विजिट और नेटवर्किंग के अवसर भी प्रदान किए गए।

इस कार्यशाला में कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिनमें सोमनाथ कुंडू सीआईएसओ, सचनेदर इलेक्ट्रिक, पवित्रन – सीएमेंस, डॉ. तथागत दत्ता जैटावाइज  कंसलटिंग, प्रो. एम ए के पी सिंह आईआईटी कानपुर,  ऋषभ नायक एमपीपीटीसीएल, वैभव अवस्थी एआरएआई, प्रो. एस. वेंकटेशन आईआईटी इलाहाबाद,  कुलदीप सिंह यादव एनटीपीसी,  सुदीप्तो जेना जैटावाइज कंसलटिंग, प्रशांत सक्सेना आरवीपीएनएल और  साईकृष्णा बी वी एस सप्ताँग लैब्स सहित अन्य लोग शामिल रहे।