March 5, 2026

संवाददाता
कानपुर।
पोस्टमॉर्टम हाउस में शुक्रवार को लाशों की लाइन लग गई। परिजन पोस्टमॉर्टम के इंतजाम में घंटों बैठे रहे। इधर-उधर दौड़ते रहे। लेकिन, डॉक्टर ही नहीं पहुंचे तो पोस्टमॉर्टम कैसे होते।
शुक्रवार सुबह 10 बजे से तीन डॉक्टरों की ड्यूटी थी। मगर, सिर्फ एक डॉक्टर पहुंच सकीं। बाकी दो डॉक्टर दोपहर 1:30 बजे तक पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे ही नहीं। तबतक पोस्टमॉर्टम हाउस में 16 शव पहुंच चुके थे।
कोई सुनवाई न होने पर परिजनों ने हंगामा किया। इसी बीच किसी ने सीएमओ से फोन पर शिकायत कर दी। सीएमओ ने पोस्टमॉर्टम हाउस के प्रभारी को फोन लगा कर वजह पूछी तो प्रभारी ने बताया, ‘साहब डॉक्टर ही नहीं आए।’ सीएमओ ने ड्यूटी के बावजूद दोपहर 1.30 बजे तक न पहुंचने वाले दोनो डॉक्टरों को फोन किया। डॉक्टरों ने थोड़ी देर में पहुंचने की बात कही।
भीषण ठंड में अलग–अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों और अन्य कारणों से हुई मौतों के बाद पोस्टमॉर्टम हाउस में शुक्रवार सुबह से भीड़ जुटने लगी थी। दोपहर 12 बजे तक कोतवाली, साढ़, सजेती, छावनी, बाबूपुरवा, कर्नलगंज, चौबेपुर, महाराजपुर, स्वरूप नगर थाना क्षेत्रों से 16 शव पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे।
शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम हाउस में घाटमपुर सीएचसी में तैनात डॉ. चित्रा, उर्सला में तैनात डॉ. आशीष और डॉ. मुन्नालाल की ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन, ड्यूटी पर सिर्फ डॉ. चित्रा पहुंचीं। वहीं दो अन्य डॉक्टर डॉ. आशीष और डॉ. मुन्नालाल दोपहर 1.30 बजे तक नहीं पहुंचे।
पीड़ित परिजन अपने-अपने शवों के इंतजार में घंटों ठंड में ठिठुरते रहे। परिजन कार्यालय आकर फार्मासिस्ट से जानकारी करने लगे, जिस पर फार्मासिस्ट ने डॉक्टरों के न आने की जानकारी दी। इस पर परिजन गुस्सा गए। इसके बाद उन्होंने पोस्टमॉर्टम हाउस प्रभारी डॉ. नवनीत चौधरी से शिकायत की। उन्होंने डॉक्टरों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन ड्यूटी पर न पहुंचने वाले दोनों डॉक्टरों ने फोन ही नहीं उठाया।
इधर-उधर भटक रहे परेशान परिजनों ने सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी से फोन करके शिकायत की। इस पर उन्होंने पोस्टमॉर्टम हाउस प्रभारी से फोन किया। समस्या का कारण पूछा तो प्रभारी ने बताया कि डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं आए हैं। वे फोन भी नहीं उठा रहे हैं।
इसके बाद सीएमओ ने ड्यूटी पर तैनात डॉ. आशीष और डॉ. मुन्नालाल को फोन किया। उन्हें फटकार लगाई। तब डॉक्टरों ने कहा- सॉरी सर… जल्दी ड्यूटी पर पहुंच रहे हैं।