
संवाददाता
कानपुर। नए साल 2026 के आगमन पर कानपुर शहर में जश्न और आस्था के अनोखे संगम का नज़ारा देखने को मिला। जहां 31 दिसंबर की देर रात शहर के होटल, क्लब, रेस्टोरेंट और कैफे देर रात तक गुलजार रहे, वहीं 1 जनवरी की सुबह होते ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। युवाओं ,महिलाओं ,पुरुष और साथ ही पूरे परिवार के उत्साह और बुजुर्गों की आस्था ने नए साल के पहले दिन शहर को खास रंग में रंग दिया।नए साल की पूर्व संध्या पर शहर के प्रमुख इलाकों—स्वरूप नगर, रावतपुर, गोविंद नगर, काकादेव, कल्याणपुर और सिविल लाइंस—में स्थित होटल और क्लबों में खास कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कई जगहों पर लाइव म्यूजिक, डीजे नाइट, काउंटर फूड, फैमिली डिनर और थीम पार्टी का आयोजन हुआ। देर रात 12 बजे जैसे ही घड़ी ने नए साल का संकेत दिया, लोगों ने तालियों, संगीत और आतिशबाजी के साथ 2026 का स्वागत किया। युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और मित्रों के साथ सेल्फी व वीडियो बनाते हुए उन्होंने इस पल को यादगार बनाया।होटल संचालकों के अनुसार इस बार नए साल के जश्न को लेकर पहले से ही अच्छी बुकिंग रही। कई होटल और क्लबों में एडवांस बुकिंग फुल हो गई थी। शहर के कुछ प्रतिष्ठित होटलों में फैमिली पैकेज और कपल एंट्री की व्यवस्था की गई थी, ताकि हर वर्ग के लोग सुरक्षित और सुकून के साथ जश्न मना सकें। रेस्टोरेंट्स में भी देर रात तक लोगों की आवाजाही बनी रही।
जश्न के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। यातायात पुलिस ने ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाया। कई जगहों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की जांच की गई, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नए साल की रात कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रही और कहीं से कोई बड़ी घटना की सूचना नहीं मिली।जहां एक ओर रात भर जश्न का माहौल रहा, वहीं दूसरी ओर नए साल की सुबह शहर पूरी तरह श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया। सुबह से ही शहर के प्रसिद्ध बाबा आनन्देश्वर,पनकी के हनुमान धाम,बिरहाना रोड में तपेश्वरी,बिठूर के सांई धाम, आदि बडे मन्दिरों में भक्तों की लम्बी लाइनें लगी रही। लोगों ने भगवान के दर्शन कर नए साल की शुरुआत की और परिवार, समाज व देश की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और आरती का आयोजन किया गया। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन की मधुर धुनें गूंजती रहीं। श्रद्धालुओं का कहना था कि नए साल की शुरुआत ईश्वर के दर्शन से करने से मन को शांति मिलती है और पूरे साल सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। बुजुर्गों के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवा और बच्चे भी मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे।मंदिर समितियों द्वारा भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। सुरक्षा के साथ-साथ साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था की गई। स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने में सहयोग किया। नगर निगम की टीम ने भी सुबह से ही प्रमुख मंदिरों और आसपास के इलाकों में सफाई अभियान चलाया।इस तरह नए साल के पहले दिन कानपुर में उत्सव और आस्था का सुंदर मेल देखने को मिला। देर रात तक जश्न और सुबह होते ही भक्ति का माहौल यह दर्शाता है कि कानपुर का सामाजिक जीवन आधुनिकता और परंपरा दोनों को साथ लेकर चलता है। लोगों ने नए साल में शांति, खुशहाली और तरक्की की कामना के साथ 2026 की शुरुआत की।






