
संवाददाता
कानपुर। साहब 19 जून को बिजली गिरने से दो बकरी मर गई थी, पत्नी घायल हो गई थी, उसका इलाज चल रहा हैं। बकरियों का मुआवजा तो मिल गया, लेकिन अभी तक पत्नी के इलाज को लेकर कोई मदद नहीं मिली हैं। साहब के यहां से जाते ही कोई सुनता नहीं है, सब भगा देते हैं। ये बात नर्वल तहसील के तिलसहरी खुर्द निवासी सोने लाल ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के जनता दरबार में कहीं। इस पर जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि अब अधिकारियों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है, काम होगा।
सोने लाल ने बताया कि 19 जून को गांव में अचानक आकाशीय बिजली गिर गई थी। उस समय गांव के एक व्यक्ति की दो बकरियां और सोने लाल की पत्नी रामगोली खेतों पर काम कर रही थी। बिजली गिरने से ये लोग चपेट में आ गए।
इसमें दोनों बकरियां मौके पर ही मर गई। पत्नी के शरीर का एक तरफ का हिस्सा काम नहीं कर रहा हैं। पत्नी को पहले प्राथमिक उपचार के लिए पास के अस्पताल ले गए । वहां से हैलट अस्पताल ले गए, जहां से मरीज को उर्सला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। वहां अभी भी इलाज चल रहा है।
पीड़ित ने जिलाधिकारी से कहा कि लेखपाल जांच के लिए आए और कहने लगे कि तुम्हारी पत्नी का इलाज आयुष्मान कार्ड से हो रहा है, तुमको मुआवजे की कोई जरूरत नहीं हैं। गलत रिपोर्ट लगाकर अधिकारियों को गुमराह किया गया।
इसके अलावा जब दोबारा फरियाद लेकर गया तो लेखपाल ने अभद्रता की और वहां से भगा दिया। कई बार अधिकारियों के पास चक्कर लगाए लेकिन आज तक कोई मदद नहीं मिली है।
जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि अब अधिकारियों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है, काम होगा।






