
संवाददाता
कानपुर। सैय्यद नगर में आई लव मोहम्मद साइन बोर्ड लगाने का विवाद अभी थमा नहीं था, कि शास्त्री नगर में अब डांडिया जिहाद शुरू हो गया है। शास्त्री नगर में होने जा रहे इस डांंडिया महोत्सव में शामिल होने के लिए पांच नियम बनाए गए है, इन नियमों का पालन करने के बाद ही महोत्सव में शामिल होने की अनुमति मिलेगी। आयोजन समिति का कहना है कि हिंदू संस्कृति पर हो रहे प्रहारों को रोकने के लिए 5 नियम तैयार किए गए है।
शास्त्री नगर छोटी सेंट्रल पार्क में पुरानी श्रीरामलीला समिति की ओर से 71 वें रामलीला महोत्सव का आयोजन कराया जा रहा है। महोत्सव में आज राम विवाह के मौके पर समिति की ओर से डांडिया उत्सव का आयोजन किया गया है। जिसमें समिति की ओर से लगाया गया एक पोस्टर चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसमें लिखा है कि शाम 7 बजे के बाद जिहादियों का आना सख्त मना है, पकड़े जाने पर घर वापसी कराई जाएगी।
आयोजन समिति के संयोजक वार्ड–91 के पूर्व पार्षद राघवेंद्र मिश्रा ने बताया कि तमाम बार ऐसे मामले सामने आते हैं, जिनमें गैर समुदाय के लोग सोशल मीडिया पर अपना नाम बदल कर, हाथों में कलावा बांध कर नवरात्रि उत्सव, डांडिया, गरबा महोत्सव में शामिल होते है और सनातन धर्म की युवतियों को बहला–फुसला कर अपना शिकार बनाते है, कुछ समय बाद उनकी हत्याएं कर दी जाती हैं।
इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए डांडिया जिहाद की शुरुआत की गई है, जिससे सनातन धर्म पर हो रहे प्रहार पर रोकथाम लगाई जा सके।
डांडिया जिहाद का एकमात्र उद्देश्य है कि हम सुरक्षित हो, हमारा समाज सुरक्षित हो, सनातन सुरक्षित हो। जब यह सब सुरक्षित होगा तभी अखंड भारत की कल्पना की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि नियम तैयार करना बहुत जरुरी है, तमाम बार लव जिहाद, थूक जिहाद के मामले सामने आते है। कब तक हमारे परिवार के लोग शिकार होंगे, हिंदू समाज जागृत हो गया है। कहा कि तमाम जगह से अल्लाह की आवाजें उठ रही हैं, जिहादी मानसिकता का युवक पकड़ा गया तो उसको गौमूत्र का आचमन कराएंगे, जरूरत पड़ी तो सिर के बाल भी मुड़वाएं जाएंगे। भगवान राम के बिना अखंड देश की कल्पना करना संभव नहीं है, ये देश राम का है, परिवेश राम का है।






