
संवाददाता
कानपुर। चकेरी में चोर समझ भीड़ के हत्थे चढ़े युवक की 12 दिन बाद हैलट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। तमाम जद्दोजहद के बावजूद पुलिस अब तक युवक के परिजनों की शिनाख्त नहीं कर सकी है। अफवाहों के बीच युवक की पिटाई से मौत के बाद अब सिस्टम की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर कानून को हाथ में लेने वाले दो युवकों को वीडियो के आधार पर जेल भेजा था। अब पुलिस मुकदमे में हत्या की धाराओं को बढ़ाने की तैयारी में है। साथ ही मृतक की शिनाख्त के लिए पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफार्म के साथ ही अलग–अलग तरीके अपना रही है।
शहर में चोरों के आतंक की अफवाहों के बीच 13 सितंबर को कोयला नगर के न्यू आजाद नगर सतवरी रोड से एक युवक दुर्गा चौराहे के पास से गुजर रहा था। इस दौरान चोर–चोर का शोर मचा, युवक कुछ समझ पाता तब तक इलाकाई लोगों ने उसे पकड़ लिया और उसको लाठी–डंडों से पीट कर मरणासन्न करा दिया था। जानकारी पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां से उसे गंभीर हालत में हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
12 दिनों से युवक का हैलट अस्पताल में इलाज चल रहा था, वहीं पुलिस युवक के परिजनों की तलाश में जुटी हुई थी। लेकिन पुलिस के हाथ खाली रहे, इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। जानकारी पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया।
चकेरी इंस्पेक्टर संतोष कुमार शुक्ला ने बताया कि मामले में कोयला नगर चौकी प्रभारी राष्ट्रदीप की तहरीर पर 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
वीडियो के आधार पर मामले में सतवरी रोड निवासी अश्वनी कुमार उर्फ गोलू व अश्वनी कुमार सेन को जेल भेजा गया था। युवक की मौत के बाद मुकदमे में हत्या की धाराओं में बढ़ोत्तरी की गई है।






