March 4, 2026

संवाददाता
कानपुर।
उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्य व मेरठ के पिच क्यूरेटर रविंद्र चौहान का कहना है कि अब क्रिकेट काफी तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए पिच भी अच्छी होनी चाहिए। प्रदेश के पिच क्यूरेटरों को अच्छी से अच्छी पिच तैयार करने के लिए हम लोग तैयार कर रहे हैं। अब जमाना बदल चुका हैं। पहले ईट, पत्थर, कंकड़ आदि चीजों के मिश्रण से 3 लेयर की पिच तैयार की जाती थी, लेकिन अब टू लेयर की पिच तैयार हो रही हैं। 
रविंद्र चौहान ने कहा कि अब पिचों को वैज्ञानिक पद्धति से तैयार किया जा रहा हैं। पहले इस पिच पर काफी रिसर्च होते हैं। इसके बाद इन्हें मैदान में तैयार करते हैं। ये पिच टिकाऊ और काफी अच्छी मानी गई हैं।
हमारे उत्तर प्रदेश में दो मुख्य स्टेडियम ग्रीनपार्क और इकाना हैं। तीसरा निर्माणाधीन हैं। इकाना में भी टू लेयर की पिच हैं। कानपुर के एक प्राइवेट स्टेडियम में इस पिच को बहुत अच्छा तैयार किया गया हैं।
रविंद्र चौहान ने कहा कि इस टू लेयर पिच की खास बात है कि बरसात के समय ये पिच तेजी से नमी को सोख लेती हैं। इसमें पानी पड़ता है तो ये तुरंत नीचे चला जाता हैं और पाइप के माध्यम से बाहर निकल जाता हैं।
उन्होंने कहा कि पिच का हर साल मेंटिनेंस बहुत जरूरी हैं। सीजन खत्म होने के बाद और सीजन शुरू होने से पहले दोनों समय ऐसा होता है कि इसमें मेंटिनेंस होना चाहिए, तभी हमारी पिच बेहतर होगी।
काली मिट्‌टी की पिच की उपलब्धता आसानी से उत्तर प्रदेश में उपलब्ध हैं। इस कारण यहां पर काली मिट्‌टी की पिच ज्यादा हैं। लाल मिट्टी महाराष्ट्र की ओर से आती हैं। इसलिए वहां पर लाल मिट्‌टी की पिच बनती हैं।
लेकिन अब हर प्रदेश में आपको दोनों तरह की पिच मिलेगी। इसलिए खिलाड़ी हर पिच में खेलने के लिए तैयार रहते हैं।