
संवाददाता
कानपुर। महिलाओं ने एडीओ आईएसबी की चप्पलों से पिटाई कर दी। समूह की महिलाओ का कहना है कि उसने बिना अनुमति ढाई लाख रुपए निकाल लिए। एडीओ ने साढ़ थाने में केस दर्ज कराया है। घटना भीतरगांव ब्लॉक की है।
साढ़ थाना क्षेत्र के खदरी गांव में काली माता महिला स्वयं सहायता समूह चलाया जा रहा है। कुछ दिन पहले समूह की महिलाओं ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। महिलाओं ने शिकायत में कहा था कि एडीओ आईएसबी ने फर्जी हस्ताक्षर बनाकर बिना अनुमति के ढाई लाख रुपए निकाल लिए।
महिलाओं ने एडीओ आईएसबी सूरज प्रताप और एक सहकर्मी को पीटना शुरू कर दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में समूह की महिलाएं एडीओ आईएसबी सूरज प्रताप सिंह को चप्पल से पीटते हुए दिखाई दे रही हैं। एडीओ आईएसबी ने साढ़ थाने पहुंचकर समूह की महिलाएं भूरी, खुशी, सुनीता, राजेश्वरी, बबीता, रेखा व राजकुमारी समेत अन्य परिजनों के खिलाफ तहरीर दी है।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर सात नामजद व अन्य अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच पड़ताल शुरू की है।
साढ़ थाना प्रभारी अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि एडीओ आईएसबी की तहरीर पर सात नामजद व अन्य अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच पड़ताल की जा रही है।
स्वयं सहायता समूह में पांच से लेकर दस महिलाओं का ग्रुप बनाया जाता है, जिनमें एक महिला को अध्यक्ष के रूप में नामित किया जाता है। समूह की अध्यक्ष महिला सभी की सहमति से बैंक से रुपए निकालती है। इसका उपयोग अगरबत्ती बनाना, दोना बनाना, आदि काम करने में होता हैं।
इससे आई बचत को समूह की महिलाएं आपस में बांट लेती है। बैंक से लिए गए रुपए वापस बैंक में जमा कर दिए जाते हैं। इस प्रकार से स्वयं सहायता समूह काम करता है। यह योजना सरकार के द्वारा महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए चलाई जा रही है।
साढ़ थाना प्रभारी अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि एडीओ आईएसबी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच पड़ताल की जा रही है। वहीं, महिलाओं ने एडीओ आईएसबी पर ढाई लाख रुपए फर्जी हस्ताक्षर करके निकालने का आरोप लगाया है। इसकी भी विस्तार से जांच जारी है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






