March 11, 2026

संवाददाता
कानपुर। 
गोविंद नगर के सर्राफ अनिल कुमार गुप्ता पर फायर झोंक कर रंगदारी मांगने के मामले में मुख्य आरोपी धीरेंद्र यादव उर्फ धीरन दद्दा ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकते हुए कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वहीं मामले में हनुमंत विहार का हिस्ट्रीशीटर आदित्य सोनकर पहले ही अपनी जमानत खारिज कराकर जेल जा चुका है। पुलिस केवल सिर्फ एक ही आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर सकी है।
गोविंद नगर निवासी सर्राफ अनिल कुमार गुप्ता की बिल्हौर में सराफा की दुकान है। बीते दिनों वह अपनी कार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाशों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। अनिल जैसे ही घर के बाहर कार खड़ी करने लगे, तभी बाइक में पीछे बैठे बदमाश ने फायर झोंक दिया।
गनीमत रही कि गोली अनिल को नहीं लगी। इसके बाद अनिल से फोन कर 50 लाख की रंगदारी मांगी जाने लगी। पूरी घटना में बिल्हौर निवासी धीरेंद्र उर्फ धीरन का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया था, जबकि उसका साथ हनुमंत विहार के हिस्ट्रीशीटर आदित्य सोनकर, रावतपुर के अनुज तिवारी व विनायकपुर के राज उर्फ छोटू ने दिया था।
मामले में पुलिस ने अनुज तिवारी को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जबकि अन्य फरार थे। कुछ दिन बाद ही आदित्य सोनकर जमानत खारिज कराकर जेल चला गया, अब धीरेंद्र ने भी बर्रा से लूट के एक मामले में कोर्ट में सरेंडर कर दिया, लेकिन छोटू अभी भी फरार चल रहा है।