संवाददाता।
कानपुर। नगर में आईआईटी पुलिस चौकी पहुंची नाबालिग और उसके घर वालों को पुलिस ने भगा दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि बेटी से छेड़छाड़ की शिकायत की तो दरोगा भड़क गए।पीड़िता की मां ने कहा, जब एफआईआर करने की बात कही तो दरोगा ने कहा कि तुम्हारे बच्ची का हाथ ही तो पकड़ा है, कोई रेप तो नहीं कर दिया। परिवार ने मोबाइल से वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो मोबाइल छीन लिया और चौकी से भगा दिया। परिवार ने मंगलवार को ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर के सामने पेश होकर मामले में एफआईआर दर्ज करने के साथ ही चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आईआईटी नानकारी में रहने वाली महिला ने बताया, “उनकी बेटी इलाके के ही स्कूल में कक्षा-4 की छात्रा है। 4 सितंबर को बेटी साइकिल से स्कूल से घर लौट रही थी। उसके साथ उसकी सहेली भी थी। एक पंचर की दुकान में हवा भरवाने गई, तो दुकानदार ने छात्रा की सहेली को आंख मारा। उसका हाथ पकड़कर अश्लीलता की। छात्रा ने घर पहुंचकर पूरी जानकारी दी। इस पर घर वाले पंचर की दुकान चलाने वाले युवक के खिलाफ आईआईटी चौकी इंचार्ज को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी।” पीड़िता ने बताया, “चौकी इंचार्ज ने आरोपी दुकानदार के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई करके पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद मामले की शिकायत थानेदार से की, तो दोबारा चौकी भेजा गया। इससे झल्लाए चौकी इंचार्ज ने कहा कि काहे इतना परेशान हो, तुम्हारे बच्ची का हाथ ही तो पकड़ा है, कोई रेप तो नहीं कर दिया, जिससे उसे फांसी पर चढ़ा दूं। परिवार के लोगों ने वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो पीटकर मोबाइल छीन लिया और भगा दिया। जेसीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि मामले में थाना प्रभारी को जांच का आदेश दिया गया है। बच्ची के साथ छेड़खानी की एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही अगर दरोगा की बदसलूकी का आरोप सही निकला, तो उसके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।






