September 23, 2026

संवाददाता।
कानपुर। नगर में भीषण गर्मी में अगर आप अपने मरीजों को लेकर सरकारी अस्पताल जा रहे है तो सतर्क हो जाए। क्योंकि यहां की भीषण गर्मी में मरीज के साथ-साथ उनके तीमारदार भी बीमार हो जा रहे हैं। इसलिए अपनी व्यवस्था खुद घर से करके चलें। यूएचएम (उर्सला) अस्पताल के वार्डों में गर्मी को देखते हुए कूलर और पंखे की व्यवस्था तो करा दी गई है, लेकिन जगह को देखते हुए वह पर्याप्त नहीं हैं। बड़े से हाल में मात्र दो कूलर लगे हैं। अपने मरीजों को गर्मी से बचाने के लिए तीमारदार टेबल फैन अपने साथ लेकर आ रहे हैं। तीमारदारों के लिए रैन बसेरा तो है, मगर वहां पर मात्र एक कूलर है। रैन बसेरा में कूलर को कमरे के अंदर रखा गया है, जिसको बाहर की हवा न मिलने से वह भी गर्मी कम करने के लिए पर्याप्त नहीं है। वार्ड 4 में जैसे ही अंदर गए तो एक बड़े से हाल में कूलर पंखे तो चल रहे थे, लेकिन एक गर्म हवा का झोंका सा चल रहा था। जब एक मरीज के तीमारदार के पास पहुंचे, उससे टेबल फैन लाने का कारण पूछा तो उसने बताया कि बेटे का दो दिन पहले ऑपरेशन हुआ है, गर्मी बहुत है। पंखे-कूलर असर ही नहीं करते तो एक टेबल फैन घर से ले आए है। इसके बाद जब वार्ड 7 में पहुंचे तो वहां का भी नजारा कुछ ऐसा ही था। कुछ लोगों के पास टेबल फैन चल रहे थे। एक मरीज के तीमारदार के पास जाकर पूछा तो उन्होंने बताया कि पंखे की हवा बेड पर नहीं लगती, इस कारण एक टेबल फैन अस्पताल से मिला। दो-तीन बेड छोड़कर दूसरे से पूछा तो वहां पर बैठी महिला ने बताया कि पंखा तो लगा है मगर बहुत गर्म हवा देता है इसलिए हम घर से  यह पंखा लाए है। वार्ड में भर्ती मरीजों में सबसे ज्यादा समस्या उनको हो रही है, जिनका ऑपरेशन हुआ है। ऐसे मरीजों के टांके पकने की बड़ी  शिकायते आ रही है। गर्मी के कारण मरीज बेहाल हो रहे है। टेबल फैन भी गर्म हवा दे रहा है। ऐसे में मरीज चिड़चिड़ा होता जा रहा है। उर्सला में वार्ड 4 में लगभग 36 बेड एक हॉल में पड़े है, लेकिन कूलर मात्र दो ही है। ऐसे में एक कूलर अपने पास के सिर्फ तीन से चार बेड पर ही हवा फेंक पाता है। बाकि के लोग वैसे ही परेशान है। गर्मी को देखते हुए टेबल फैन भी लगाए गए है, जिन मरीजों के पास से पंखा थोड़ी दूर है, ऐसे मरीजों को टेबल फैन भी दिए गए है। मगर यह टेबल फैन इक्का-दुक्का मरीजों के पास ही देखने को मिलेंगे। जैसे ही रैन बसेरा के अंदर धुसे तो वहां पर हरे प्लास्टिक की चादर से छत पड़ी थी, जोकि काफी गर्मा रही थी। सकून तो बस इतना था कि पेड़ की छाव शेड के ऊपर पड़ रही था, नहीं तो और बुरे हालात होते। एक पंखा लगा है वह भी बिल्कुल कोने में। वहां पर एक कूलर लगवाया गया है। उसे कमरे के अंदर रख दिया गया है, जिसके कारण उसे बाहर की हवा नहीं मिल पाती है और कूलर की गर्म हवा अंदर धूमती रहती है। कहने को रैन बसेरा तीमारदारों का सहारा है लेकिन वहां भी तीमारदार चैन की सांस तक नहीं ले सकता है। इमरजेंसी के बाहर मरीज बिना पंखे के बैठने को मजबूर है। यहां पर पंखे के कुंडे सिर्फ दिखावा मात्र है। इसके अलावा यहां पर पड़ी गंदगी को देखते हुए लगता है जैसे कई दिनों से झाडू ही न लगी हो। ऐसी गंदगी और गर्मी में मरीज टीन शेड के नीचे बैठे दिखाई देंगे। उर्सला अस्पताल के निदेशक डॉ. एचडी अग्रवाल ने बताया कि वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए नए कूलर लगाए गए हैं। इसके अलावा हीट वेव वाले वार्ड में मरीजों को जल्द राहत देने के लिए एसी की व्यवस्था कराई गई है। इस समय का तापमान ज्यादा होने से जनरल वार्ड में गर्मी से मरीजों की हालत खराब है। ऐसे में मरीजों को राहत देने के लिए कुछ टेबल फैन भी रखवाए गए हैं।

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