संवाददाता।
कानपुर। नगर मे रानीघाट नाले पर बायोरेमिडियेशन कार्य में लापरवाही बरतने पर यूपीपीसीबी ने नगर निगम पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अधिकारियों के निरीक्षण में बायोरेमिडियेशन के लिये लगाये गये प्लास्टिक टैंक में शोधन करने के लिए डाला जाने वाला रसायन ही नहीं मिला। अधिकारियों ने विभागीय संस्तुति के बाद नगर निगम पर जुर्माने की कार्रवाई की है। इसके साथ ही नालों के शोधन में बरती जा रही लापरवाही पर चेताया है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने रानी घाट नाले का पिछले दिनों निरीक्षण किया था। इस दौरान नाले से अशोधित उत्प्रवाह गंगा नदी में निस्तारित होता पाया गया। इस दौरान नाले पर हो रहा बायोरेमिडियेशन का कार्य पूरी तरह से बंद पाया गया। इसके साथ ही डोजिंग के लिये यहां लगाए गऐ प्लास्टिक टैंक में जैविक उपचार (बायोरेमिडिएशन) किये जाने के लिए कोई रसायन ही नहीं पाया गया ।अधिकारियों ने कहा कि इससे गंगा के पानी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है। इस पर क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा ने गंगा नदी में अशोधित उत्प्रवाह निस्तारित करने पर कार्यदायी विभाग पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति लगाने की संस्तुति की थी। सक्षम अधिकारियों के अनुमोदन के बाद नगर निगम को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही विभाग ने 5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।










